बिलासपुर संवाददाता – विमल सोनी
बिलासपुर:
बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास हुए दर्दनाक रेल हादसे में घायल हुए मरीजों की कुशलक्षेम जानने के लिए अकलतरा विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह बिलासपुर रेलवे हॉस्पिटल पहुंचकर स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों व पीड़ितों से मुलाकात की। इस हादसे में अकलतरा क्षेत्र के कापन गांव और अकलतरा नगर के लगभग 3-4 लोग भी घायल हुए थे, जो अब अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं और स्वास्थ्य में सुधार की ओर हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी घायलों का उपचार पूरी तत्परता से चल रहा है और अस्पताल के डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी उनकी देखभाल में जुटे हुए हैं। उपस्थित अधिकारियों द्वारा घायलों के परिजनों को सांत्वना दी गई और आवश्यक चिकित्सीय एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।

स्थानीय प्रशासन ने इस दुखद घटना पर गंभीरता व्यक्त करते हुए कहा कि इस रेल दुर्घटना ने समुदाय में चिंता उत्पन्न कर दी है। उन्होंने रेल सुरक्षा उपायों और यातायात नियमों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाने की घोषणा की। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे दुर्घटना की जड़ तक पहुंचें और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान निकाले। इस अवसर पर अस्पताल में मौजूद लोगों ने घायल मरीजों के जल्दी स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना की। स्थानीय नागरिक भी हादसे के पीड़ितों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए उनकी सहायता के लिए आगे आने का संकल्पित हैं। रेलवे हादसे की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की भी पूरी योजना बनाई है, ताकि प्रभावित परिवारों को समय से सहायता मिल सके।
अकलतरा क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भी इस दौरान कहा कि वह जिला प्रशासन के साथ मिलकर जल्द से जल्द प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान निकालेंगे और उनका समर्थन करेंगे। यह हादसा हम सभी के लिए एक चेतावनी है कि सार्वजनिक सुरक्षा के मानकों को सख्ती से लागू करना कितना आवश्यक है। प्रशासन और रेलवे प्रबंधन ने इस घटना से सबक लेकर यात्री सुरक्षा में सुधार लाने की प्रतिज्ञा की है। अंततः, स्थानीय समुदाय समेत पूरी बिलासपुर की जनता की तरफ से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई और आशा जताई गई कि भविष्य में ऐसी अप्रिय घटनाएं न हों।









