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पीड़ित व प्रभावित किसान ने कलेक्टर कार्यालय पेंड्रा रोड में परिवार सहित आत्मदाह करने की मांगी अनुमति

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पेंड्रा संवाददाता – दीपक कश्यप 

पेंड्रा बाईपास मार्ग निर्माण शिलान्यास के 8 वर्षों में भी शुरू नहीं हो पाने और किसानों के भूमि अधिग्रहण की मुआवजा राशि किसानों को नहीं मिल पाने का है मामला

जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही क्षेत्र की बहु प्रतीक्षित मांग पर वर्ष 2015-16 में मुख्यमंत्री रमन सिंह जी ने लगभग 8 वर्ष पूर्व उक्त बाईपास की स्वीकृति प्रदान की थी जिसकी अनुमानित लागत 54. 25 करोड़ थी जो अमरपुर से होकर सेमरा तिराहा होते हुए डूबतिया कुडकई तक लगभग 13 किलोमीटर लंबी बायपास मार्ग का निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका और आज तक ना पेंड्रा बाईपास मार्ग बना ना ही किसानों के अधिग्रहित भूमि का मुआवजा राशि ही दिया जा सका है ।उक्त बाईपास रोड का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह के द्वारा किया गया था जिसकी शिलालेख आज भी अमरपुर में लगी हुई मुंह चिढ़ा रही है। वर्तमान स्थिति में पेंड्रा बाईपास मार्ग की स्थिति जस की तस बनी हुई है सरकारें बदलती रही पर सभी सरकारें जीपीएम जिले के साथ सौतेला व्यवहार करते हुए बाईपास निर्माण को बाईपास करना ही उचित समझा । इन 8 वर्षों में क्षेत्र की जनता सकरी और खराब सड़क व्यवस्था से अपने जान को जोखी में डालकर चलने को मजबूर और आए दिन बढ़ती दुर्घटनाओं में अपनी जान गवा रहे तथा विकलांग होते लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है इस बायपास मार्ग निर्माण के नहीं होने से ही 13 सितंबर 2024 को एक अनियंत्रित वाहन की चपेट में आने से आवेदक संतोष पटेल पिता छोटेलाल पटेल निवासी अमरपुर दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसका दाया पैर टूट गया तथा अब भी पूरी तरह ठीक नहीं हो सका और घर का कमाने वाला ही विकलांग हो जाए तो घर की माली हालत खराब होना स्वाभाविक है। विकलांगता होने पर भी शासन प्रशासन से की किसी प्रकार की सहायता भी नहीं मिली जिसे संतोष पटेल व परिवार पूरी तरह से डिप्रेशन में आकर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पेंड्रा रोड व कलेक्टर पेंड्रा रोड जिला जीपीएम को पत्र लिखकर पेंड्रा बायपास मार्ग निर्माण भूमि अधिग्रहण की मुआवजा राशि दिलाए जाने या मुझे परिवार सहित कलेक्टर कार्यालय पेंड्रा रोड में आत्मदाह करने की अनुमति दिलाए जाने की मांग की है क्योंकि घर की माली हालत खराब होने पेंड्रा बाईपास मार्ग निर्माण में अधिग्रहित कर ली गई है जिससे बिक्री भी नहीं हो सकती।

अब देखना होगा की संतोष पटेल पिता छोटेलाल पटेल निवासी अमरपुर जैसे पेंड्रा क्षेत्र के किसानों की समस्या को शासन प्रशासन न्याय कब तक दिला पाती है।

वर्तमान में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री जनहित के कामों को प्राथमिकता से निराकरण करने का आदेश समस्त कलेक्टरों को दिए हैं अपेक्षा है कि वर्तमान सड़क व्यवस्था एवं जीपीएम जिले वासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र पेंड्रा बायपास मार्ग का निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण कराने हेतु समुचित पहल करें।

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