Home चर्चा में कच्चे गोदावरी माइंस विस्तार के विरोध में जन एकजुटता: सांसद और शिवसेना...

कच्चे गोदावरी माइंस विस्तार के विरोध में जन एकजुटता: सांसद और शिवसेना नेता ने तैयार किया रोडमैप

4
0

अर्जुन झा –

कच्चे गोदावरी माइंस के प्रस्तावित विस्तार को लेकर क्षेत्र में विरोध की लहर तेज हो गई है। माइंस प्रबंधन द्वारा मौजूदा 138.96 हेक्टेयर से खनन क्षेत्र को बढ़ाकर 200 हेक्टेयर करने के लिए 13 नवंबर 2025 को रखी गई जनसुनवाई का कड़ा विरोध करने के लिए स्थानीय सांसद भोजराज नाग और शिवसेना के कद्दावर नेता चंद्रमौलि मिश्रा ने मोर्चा संभाल लिया है।

विरोध की रणनीति तैयार: भैसाकन्हा में हुई महत्वपूर्ण सभा

रविवार को ग्राम पंचायत भैसाकन्हा में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित जनसुनवाई का एकजुट होकर विरोध करने की रणनीति तैयार करना था। इस सभा में सांसद भोजराज नाग और शिवसेना नेता चंद्रमौलि मिश्रा ने क्षेत्र के लोगों को संबोधित किया और माइंस विस्तार से होने वाले संभावित पर्यावरणीय और सामाजिक नुकसानों के प्रति आगाह किया।

प्रभावित क्षेत्रों को एकजुट करना: नेताओं ने विशेष रूप से माइंस के 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले समस्त प्रभावित गांवों के लोगों को एक मंच पर लाने पर जोर दिया।

रोडमैप तैयार: सभा में 13 तारीख को होने वाली जनसुनवाई को सफल न होने देने के लिए एक विस्तृत रोडमैप (कार्ययोजना) तैयार किया गया। यह रणनीति सुनिश्चित करेगी कि ग्रामीण शांतिपूर्ण और प्रभावी तरीके से अपना विरोध दर्ज करा सकें।

मुख्य चिंताएं: ग्रामीणों और नेताओं की मुख्य चिंताएं पर्यावरण प्रदूषण (धूल और जल प्रदूषण), कृषि भूमि का नुकसान, स्वास्थ्य समस्याएं, और प्रभावितों को पर्याप्त रोजगार तथा मुआवजा न मिलना रही हैं, जैसा कि पहले की जनसुनवाइयों में भी ये मुद्दे उठ चुके हैं।

स्थानीय नेताओं की पहल: जनभावना का सम्मान

सांसद भोजराज नाग और चंद्रमौलि मिश्रा की इस पहल को स्थानीय जनभावना के सम्मान और प्रभावितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि विकास पर्यावरण की कीमत पर नहीं होना चाहिए, और माइंस विस्तार से पहले स्थानीय लोगों की चिंताओं और मांगों को पूरी तरह से सुनना और उनका समाधान करना अनिवार्य है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि माइंस द्वारा पहले भी पर्यावरण नियमों की अनदेखी की गई है, जिससे उनके खेतों में गंदा पानी और मलबा आता है, और उन्हें पर्याप्त मुआवजा या रोजगार नहीं मिला है। इसीलिए, वे अब किसी भी कीमत पर विस्तार नहीं होने देना चाहते।

आगे की कार्रवाई

13 नवंबर 2025 को होने वाली जनसुनवाई स्थल पर सभी प्रभावित गांवों के निवासियों को भारी संख्या में एकजुट करने की योजना है, ताकि वे अपने विरोध को मजबूती से प्रदर्शित कर सकें। नेताओं ने ग्रामीणों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाने का आह्वान किया है।
इस विरोध से यह स्पष्ट है कि गोदावरी माइंस के विस्तार का रास्ता आसान नहीं होगा, और स्थानीय जनप्रतिनिधि जनता के साथ खड़े होकर कंपनी के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।

यह घटनाक्रम क्षेत्र के पर्यावरण और विकास के संतुलन को लेकर एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। क्या आप इस जनसुनवाई से संबंधित पिछले विरोधों या माइंस के विस्तार प्रस्ताव के बारे में और जानकारी चाहते हैं?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here