बिलासपुर संवाददाता – रोशनी सोनी
छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ और छत्तीसगढ़ समर्थन मूल्य धान खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटर संघ के संयुक्त आह्वान पर चार सूत्रीय मांगों को लेकर जारी अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन का आज सातवां दिन है। बिलासपुर संभाग के सभी जिले — मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, सक्ती, सारंगगढ़ और बिलासपुर — के समिति कर्मचारी एवं ऑपरेटर इस आंदोलन में शामिल हुए।
यह आंदोलन 3 नवंबर 2025 से शुरू हुआ था। संगठन की प्रमुख चार मांगें इस प्रकार हैं —
1. धान सुखत की भरपाई:
सुखत समितियों द्वारा धान खरीदी के दौरान उठाव में विलंब होने पर होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए “धान सुखत” की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
2. डाटा एंट्री ऑपरेटर का नियमितीकरण एवं 12 माह वेतन:
वर्ष 2007 से संविदा आधार पर कार्यरत समर्थन मूल्य धान खरीदी के डाटा एंट्री ऑपरेटरों को 12 माह का वेतन दिया जाए और उन्हें नियमित किया जाए। संगठन ने छह माह के वेतन प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है।
3. प्रबंधकीय अनुदान:
मध्यप्रदेश शासन की तर्ज पर प्रदेश की 2058 सहकारी समितियों को तीन-तीन लाख रुपए का प्रबंधकीय अनुदान दिया जाए ताकि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके।
4. सेवानियम 2018 में संशोधन एवं भर्ती में आरक्षण:
5. सेवानियम 2018 में आंशिक संशोधन करते हुए पुनरीक्षित वेतनमान लागू किया जाए तथा अपेक्स बैंक द्वारा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की भर्ती में 50% पद समिति कर्मचारियों के लिए आरक्षित किए जाएं।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि लगातार 18 वर्षों से सेवा दे रहे डाटा एंट्री ऑपरेटरों को अब तक न तो नियमित किया गया है, न ही उनके भविष्य की कोई ठोस नीति बनाई गई है। “हम ही ने बनाया है, हम ही सँवारेंगे” के नारे के साथ सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले ये कर्मचारी आज उपेक्षित हैं।
धरने के चलते वर्तमान में अधिकांश समितियों के ताले बंद हैं, जिससे आगामी 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी की तैयारी प्रभावित हो रही है। समितियों में फड़ की सफाई और किसानों का पंजीयन कार्य ठप है, जिससे किसानों को भारी असुविधा हो रही है।
संघ ने बताया कि संबंधित विभागों — खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, पंजीयक सहकारी संस्थाएं — से लेकर मुख्यमंत्री तक कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, किंतु अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
रविवार को भी कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज कराते हुए आंदोलन जारी रखा। संघ ने घोषणा की है कि आने वाले दिनों में सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें संभाग के लगभग 2700 कर्मचारी भाग लेंगे।









