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मेंडरका सरपंच और शालीमार कंपनी पर मिलीभगत कर अवैध खनन का आरोप…ग्राम विकास समिति ने की जांच की मांग

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रिपोर्ट-खिलेश साहू

कुरूद:-

जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत मेंडरका में अवैध मिट्टी-मुरूम खनन का मामला सामने आया है। ग्राम विकास समिति ने आरोप लगाते हुए कहा कि ग्राम में बिना अनुमति के भारी मात्रा में मिट्टी-मुरूम की खुदाई की गई है। विभागीय स्वीकृति मात्र 5,000 घन मीटर की थी, जबकि वास्तविक खनन इससे कई गुना अधिक हुआ।राजीव गांधी तालाब खुदाई में 1,41,477 घन मीटर, राजीव गांधी तालाब मेंडरका खुदाई में 1,809 घन मीटर, चारागाह में 5,284 घन मीटर और गोठान डबड़ी में 12,450 घन मीटर मिट्टी-मुरूम की खुदाई की गई। कुल मिलाकर 1,61,020 घन मीटर खनन का अनुमान लगाया गया है। यह समस्त खुदाई बिना किसी अतिरिक्त अनुमति के की गई थी। विभागीय जानकारी और आरटीआई के माध्यम से यह तथ्य उजागर हुआ है। प्रशासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। समिति ने शासन से इस अवैध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई और विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

सामाजिक अंकेक्षण में खुली वित्तीय अनियमितताएं सरपंच-रोजगार सहायक पर हाजरी घोटाले का आरोप…

ग्राम विकास समिति ने यह भी आरोप लगाया कि सामाजिक अंकेक्षण जांच दल ने सरपंच और सचिव की उपस्थिति में ग्राम में किए गए कार्यों का मूल्यांकन किया। जांच के दौरान श्मशान घाट तालाब गहरीकरण, सहपचरी एवं टीचिंग कार्यों का सत्यापन किया गया, जिसमें 14,440 रुपये का भुगतान बिना उचित मूल्यांकन या सत्यापन के पाए जाने की बात सामने आई।साथ ही आरोप है कि वर्ष 2022-23 में सरपंच नेमिन गणेश सिन्हा और रोजगार सहायक द्वारा मनरेगा एवं अन्य योजनाओं के तहत अपने पति, रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर हाजरी डालकर सर्वाधिक राशि निकाली गई। ग्राम विकास समिति ने इसकी पूरी जांच की मांग प्रशासन से की है।

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