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शराब के लिए स्कूल की फुटबॉल बेच दी शिक्षक ने!

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= शिक्षकों की लापरवाही पर कार्रवाई, एक शिक्षक का रोका गया वेतन =
-अर्जुन झा-
बकावंड। शाला को ज्ञान का मंदिर कहा जाता है, जहां विद्या की देवी सरस्वती साक्षात विराजमान रहती हैं। इस पावन मंदिर के पुजारी शिक्षक होते हैं, मगर जब यही पुजारी ओछी हरकतें करने लग जाएं तो भला समाज में ज्ञान का उजियारा कैसे फैलेगा? ओछी हरकत की पराकाष्ठा यह कि एक शिक्षक ने अपनी शराब की लत पूरी करने के लिए स्कूल की फुटबॉल तक बेच डाली है।
मामला विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत पाहुरबेल के आश्रित ग्राम दामागुड़ा स्थित नवीन प्राथमिक शाला का है। इस स्कूल में शिक्षकों की लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। एक शिक्षक तो रोज शराब पीकर स्कूल आते हैं और बच्चों की निर्ममता पूर्वक पिटाई करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में कार्यरत शिक्षक हर दिन नशे की हालत में स्कूल आते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक बच्चों से दुर्व्यवहार करते हैं, उनके बाल खींचते हैं, मारपीट करते हैं और स्कूल की संपत्ति का गलत इस्तेमाल करते हैं। बच्चों ने भी बताया कि विद्यालय का फुटबॉल दारू खरीदने के लिए बेच दी गई और मध्याह्न भोजन की स्थिति भी बेहद खराब है। बच्चे कहते हैं कि उन्हें बहुत कम खाना मिलता है, जिससे वे पढ़ाई में ध्यान नहीं लगा पाते। मामले की शिकायत ग्रामीणों ने खंड शिक्षा अधिकारी बकावंड से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बीईओ चंद्रशेखर यादव ने तत्काल प्रभाव से शिक्षक चैतूराम का वेतन रोकने का आदेश जारी किया और निलंबन की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव अग्रेषित किया है। ग्रामीणों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है और मांग की है कि विद्यालय में नए शिक्षक की शीघ्र नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से चल सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर ऐसी सख्त कार्रवाई होती रहे, तो विद्यालयों में अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।

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