बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
डेम का पानी भरा खेतों में, धान फसलें हो गईं तबाह
बकावंड। विकासखंड बकावंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत छोटे जीराखाल में बना स्टॉप डैम हाल ही में हुई तेज बारिश के दौरान फूट गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि डैम का निर्माण कार्य कमजोर और घटिया स्तर का कराया गया था, जिसके चलते थोड़ी सी तेज बारिश में ही बांध टूट गया। बांध में जमा पानी निचले क्षेत्र के खेतों में भर गया और धान की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

जानकारी के अनुसार यह डैम करीब दो वर्ष पहले ग्राम पंचायत के तत्कालीन सरपंच और सचिव द्वारा बनवाया गया था। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई थी। घटिया और बहुत ही कम मात्रा में सीमेंट, गिट्टी, बोल्डर आदि का उपयोग किया गया था।नतीजतन निर्माण के कुछ समय बाद ही डैम में दरारें दिखाई देने लगी थीं। तभी से लोग आशंका जताने लगे थे कि यह डेम हल्की बाढ़ आने पर फूट सकता है। डैम टूटने से उसमें भरा हुआ पानी तेजी से बहकर खेतों और निचले इलाकों में भर गया, जिससे कई किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन को कई बार निर्माण की खामियों के बारे में अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि डैम निर्माण से संबंधित सूचना पटल भी कार्य स्थल पर नहीं लगाया गया था, जिससे निर्माण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से घटिया निर्माण कार्य की जांच कर जिम्मेदार सरपंच और सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसे हादसे किसानों और गांव की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।









