Home चर्चा में कच्चे क्षेत्र में आज बन सकते हैं टकराव के हालात

कच्चे क्षेत्र में आज बन सकते हैं टकराव के हालात

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा

क्षेत्र के सरपंचों ने कहा न होने देंगे चक्काजाम और न कोई ग्रामीण होगा शामिल 
जगदलपुर। बस्तर संभाग के कांकेर जिले की भानुप्रतापपुर तहसील की कच्चे माइंस के प्रभावित क्षेत्र के सरपंचों और ग्रामीणों ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय तथा एसडीओपी कार्यालय पहुंचकर 11 नवंबर को होने वाले चक्काजाम का विरोध किया है। ग्रामीणों ने बताया कि माइंस प्रभावित क्षेत्र कच्चे, साल्हे, भीरावाही,पर्रेकोड़ो और मरकाटोला के कोई भी ग्रामीण चक्काजाम में शामिल नहीं होंगे और न ही चक्काजाम होने देंगे। ग्रामीणों ने कहा कि बेवजह कुछ लोग चक्काजाम करने की चेतावनी दे रहे हैं जबकि कच्चे माइंस क्षेत्र के ग्रामीणों को इसकी जानकारी भी नहीं है, उन्होंने बताया कि भानुप्रतापपुर के कच्चे में स्थित मेसर्स गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड द्वारा संचालित आयरन ओर माईस आरी डोंगरी में प्रस्तावित क्षमता विस्तार की जनसुनवाई 13 नवंबर को ग्राम कच्चे में रखी गई है। उन्होंने बताया वर्तमान में कच्चे में लौह अयस्क खनन 138 हेक्टेयर में चल रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिल रहा है और उनकी आजीविका में सुधार हुआ है। क्षेत्र में आज तक कोई समस्या नहीं हुई है, आम तौर पर इस क्षेत्र के ग्रामीणों को रोजगार पाने के लिए बाहर जाना नहीं पड़ रहा है। जबसे खदान शुरू हुई है तब से वहां मजदूरी करते आ रहे हैं। जन सुनवाई के बाद माइंस का विस्तार क्षेत्र 74 हेक्टेयर बढ़ जाएगा तो इस क्षेत्र में रोजगार के साथ-साथ लोगों के आर्थिक संसाधन भी मजबूत होंगे।

विकास और रोजगार को रफ्तार
कच्चे सरपंच कांति हिड़को, साल्हे सरपंच संतोष पद्दा, भीरावाही हीरे सिंह दर्रो, मरकाटोला सरपंच पंकज हिड़को,पर्रेकोड़ो सरपंच प्रतिनिधि सोनऊ गावड़े, कच्चे परिवहन संघ अध्यक्ष हरिशचंद्र कौड़ो, आदिवासी किसान विकास समिति अध्यक्ष शामसाय सलाम, ज्वाला प्रसाद जैन, जितेंद्र जायसवाल, सतीश श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। उन्होंने कहा 74 हेक्टेयर में होने वाली जनसुनवाई विकास के लिए एक और मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा यह खनन गतिविधि क्षेत्र में समावेशी विकास को और गति देगी, उन्होंने जोर देकर कहा कि मेसर्स गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड खनन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदाय के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस परियोजना से न केवल रोजगार सृजित होंगे बल्कि यह खनिज अर्थव्यवस्था में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका को और भी मजबूत करेगा।

13 को होगी जनसुनवाई
आपको बता दें कि भानुप्रतापपुर के कच्चे में स्थित मेसर्स गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड द्वारा संचालित आयरन ओर माईस आरीडोंगरी के प्रस्तावित क्षमता विस्तार को लेकर जनसुनवाई 13 नवंबर को ग्राम कच्चे में रखी गई है।जनसुनवाई के विरोध में भानुप्रतापपुर एसडीएम को प्रभावित क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने ज्ञापन सौंप कर जनसुनवाई भानुप्रतापपुर में आयोजित कराने की मांग उठाई है। लोगों ने 11 नवंबर को चक्काजाम करने की भी चेतावनी दी है। एक ओर जहां विभिन्न दलों के नेता, जनप्रतिनिधि एवं भानुप्रतापपुर परिवहन संघ के पदाधिकारियों तथा ग्रामीणों द्वारा भानुप्रतापपुर से दल्ली राजहरा मार्ग पर डौंडी और कच्चे की सरहद पर चक्काजाम करने की चेतावनी दी गई है। वहीं दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्र के पांच ग्राम पंचायतों के सरपंचों ग्रामीणों तथा परिवहन संघ द्वारा इसका विरोध दर्ज किया गया है। इस स्थिति में आज होने वाला चक्का जाम से ग्रामीणों के बीच आमने-सामने टकराव की स्थिति निर्मित हो सकती है। ऐसे में शासन प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।

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