लखनऊ/दिल्ली: सोमवार शाम राजधानी दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए जोरदार धमाके ने पूरे देश को हिला दिया। इस धमाके में अब तक 9 लोगों की मौत और 24 से ज्यादा घायल होने की पुष्टि हुई है। धमाके के बाद जांच एजेंसियां हरकत में आ गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यूपी एटीएस और पुलिस ने सहारनपुर और लखनऊ समेत कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की है। सहारनपुर में डॉक्टर अदील अहमद से जुड़े तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि दो अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
लखनऊ में डॉ. परवेज अहमद अंसारी के घर दबिश
जांच के दायरे में आए डॉ. परवेज अहमद अंसारी के घर पर भी एटीएस, जम्मू-कश्मीर पुलिस और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने मड़ियांव इलाके में दबिश दी। टीम को घर बंद मिला, और परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था।
सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और कुछ संदिग्ध सामान बरामद हुए हैं। सभी जब्त सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
धमाका कैसे हुआ?
घटना सोमवार शाम करीब 6 बजे लाल किले के सामने रोड पर खड़ी i-20 कार (नंबर HR 26 CE 7674) में हुई। जांचकर्ताओं को शक है कि कार में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी, जिससे यह जोरदार धमाका हुआ।
पुलिस ने गाड़ी के पुराने मालिक मोहम्मद सलमान को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। सलमान ने बताया कि उसने यह कार दिल्ली के देवेंद्र को बेची थी। देवेंद्र ने आगे अंबाला के एक व्यक्ति को गाड़ी बेचने की बात कही है।
जांच एजेंसियों का फोकस
फिलहाल एटीएस और दिल्ली पुलिस की टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमाके में इस्तेमाल विस्फोटक कहां से आया और इसका मकसद क्या था।
डॉक्टरों से जुड़े नामों के सामने आने के बाद जांच एजेंसियां संभावित टेरर फंडिंग या नेटवर्क कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस केस में और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।









