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साय कैबिनेट की अहम बैठक, धान खरीदी से लेकर विभागीय बदलाव तक कई बड़े फैसले

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रायपुर-

धान खरीदी सीजन की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंज़ूरी दी गई, जिनका सीधा असर किसानों, विभागों और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ेगा।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले

1. दलहन–तिलहन की एमएसपी पर खरीदी जारी रहेगी

मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया कि खरीफ और रबी विपणन मौसम में दलहन और तिलहन फसलों का उपार्जन पहले की तरह प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PSS) के तहत किया जाएगा।

खरीफ में: अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन

रबी में: चना, मसूर, सरसों

यह व्यवस्था मंडियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाती है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ती है।

2. विभागों का पुनर्गठन—सुशासन की दिशा में बड़ा कदम

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन करते हुए दो महत्वपूर्ण बदलाव किए:

सार्वजनिक उपक्रम विभाग को अब वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में शामिल किया जाएगा।

बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में संविलियन किया गया।

यह निर्णय ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के सिद्धांत को मजबूत करेगा।

3. धान खरीदी के लिए वित्तीय व्यवस्था मजबूत

राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को सुचारू रूप से चलाने के लिए कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 हेतु स्वीकृत 15,000 करोड़ रुपये की शासकीय प्रत्याभूति को वर्ष 2025-26 के लिए पुनर्वेधीकरण करने की मंजूरी दी। साथ ही विपणन संघ को अतिरिक्त 11,200 करोड़ रुपये की शासकीय प्रत्याभूति भी प्रदान की जाएगी।

4. आवास योजनाओं में परिवर्तन—अविक्रित भवन अब खुले बाजार में बिक सकेंगे

राज्य प्रवर्तित दीनदयाल आवास योजना, अटल आवास योजना, अटल विहार योजना एवं नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए:

नए प्रावधान:

EWS और LIG वर्ग के लिए बनी आवास इकाइयाँ यदि तीन बार विज्ञापन के बाद भी नहीं बिकतीं, तो इन्हें किसी भी आय वर्ग के इच्छुक खरीदार को बेचा जा सकेगा।

ऐसे खरीदारों को सरकारी अनुदान नहीं मिलेगा।

यदि कोई व्यक्ति, सरकारी/निजी संस्था बल्क में खरीदना चाहती है, तो एक से अधिक संपत्तियाँ भी बेचने की अनुमति होगी।

इस निर्णय का व्यापक प्रचार किया जाएगा ताकि अधिक लोग इसका लाभ ले सकें।

5. नवा रायपुर क्रिकेट स्टेडियम लीज पर—क्रिकेट हब बनने की दिशा में बड़ा कदम

शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर को दीर्घकालीन संचालन एवं विकास कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ (CGCA) को लीज पर देने का फैसला लिया गया।

इस निर्णय से—

राज्य के युवा खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा

आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैचों की संख्या बढ़ेगी

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