बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेजस अलनार लोहण्डीगुड़ा, जिला बस्तर में इस वर्ष बाल दिवस का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास, उमंग और सांस्कृतिक विविधता के साथ मनाया गया, जिसमें विद्यालय परिसर बच्चों की चहक, तालियों की गूँज और उत्साह से भरकर एक उत्सव स्थल में परिवर्तित हो गया। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा प्रस्तुत एक सशक्त और जागरूकता–प्रधान नाटक से हुई, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हेल्दी फूड जैसे आज की पीढ़ी के लिए बेहद प्रासंगिक विषयों पर सुंदर संदेश दिया गया। नन्हे कलाकारों की अभिव्यक्ति, संवाद और मंचन इतना प्रभावशाली था कि दर्शकों ने लगातार तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। बच्चों की मासूमियत और विषय की गंभीरता का यह सुंदर संगम कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता बन गया। कार्यक्रम में रोमांच उस समय चरम पर पहुँच गया जब विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री लैखन राम बघेल बच्चों की प्रस्तुति और उत्साह से इतने अभिभूत हुए कि वे अपनी कुर्सी छोड़कर स्वयं मंच के सामने आ गए और बच्चों के साथ नाचने लगे। उनका यह सहज और प्रेरणादायक रूप देखकर बच्चे और शिक्षक सभी उत्साहित हो उठे, और पूरा परिसर नृत्य, तालियों और मुस्कानों से भर गया। इस दौरान विद्यालय में आमंत्रित पूर्व प्राचार्य श्री अजय कोर्राम ने लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी लोकगीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में पारंपरिक और सांस्कृतिक रंग भर दिया। उनकी मधुर आवाज़ और छत्तीसगढ़ी गीतों के सुरों ने न केवल बच्चों को बल्कि सभी उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे पूरा वातावरण लोकधुनों से भर उठा और बच्चों ने ताल की लय पर उत्साहपूर्वक कदम मिलाए।

कार्यक्रम के बाद विद्यालय द्वारा आयोजित न्योता-भोज ने बच्चों की खुशी में और वृद्धि कर दी, जहाँ नन्हों ने उत्साह के साथ भोजन का आनंद लिया। विद्यालय परिवार का मानना है कि ऐसे आयोजन बच्चों में न केवल आत्मविश्वास और रचनात्मकता को बढ़ाते हैं, बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता, सामाजिक संवेदनशीलता और टीम–वर्क की भावना भी विकसित करते हैं। बाल दिवस का यह आयोजन शिक्षकों, कर्मचारियों, सहयोगी स्टाफ और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों से अत्यंत सफल, प्रेरणादायी और यादगार साबित हुआ।









