प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वह पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने आदिवासी नायक बिरसा मुंडा के पैतृक गांव का दौरा किया हैं। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक आदिवासी वस्त्र पहना और करीब 4 किलोमीटर लंबा रोड शो किया, जिससे इस ऐतिहासिक पल की गरिमा और जनसमर्थन दोनों उजागर हुए।
मोदी आज गुजरात के नर्मदा जिले के डेडीयापाड़ा में बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस मौके पर उन्होंने ₹9,700 करोड़ से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया — जिनमें आदिवासी कल्याण, सड़क संपर्क, बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाएँ शामिल हैं।

पीएम ने इससे पहले सूरत में बन रहे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का जायजा लिया। इसके बाद नर्मदा जिले के डेडियापाडा पहुंचे और देवमोगरा मंदिर में पंडोरी माता की पूजा की।
पंडोरी माता को गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के आदिवासी समुदाय अपनी कुलदेवी मानते हैं। पीएम ने डेडियापाडा में 4 किमी लंबा रोड शो भी किया। इस दौरान आदिवासी समुदाय के हजारों लोग सड़क किनारे नजर आए।
मोदी बोले- NDA ने हमेशा आदिवासी समाज के लोगों ने शीर्ष पदों पर बिठाया है। छत्तीसगढ़ के सीएम राज्य का कायाकल्प कर रहे हैं। उड़ीसा सीएम जनजातीय समाज के हमारे माझी जी उड़ीसा का विकास कर रहे हैं।
हमने कई राज्यों में आदिवासी सीएम दिए। भाजपा ने कई राज्यों में आदिवासी को जगह दी। मंगूभाई पटेल एमपी के राज्यपाल हैं। सोनोवाल जी शिपिंग मिनिस्ट्री संभाल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आदिवासी समुदाय को बड़ी सौगात दी — उनकी घोषणा के अनुसार, देश भर में आदिवासी इलाकों में नए सड़कों का निर्माण किया जाएगा, साथ ही जनजातीय बहु-विपणन केंद्रों की नींव भी रखी जाएगी।
यह कदम मोदी सरकार की उन प्राथमिकताओं को दर्शाता है, जिसमें आदिवासी समाज के आर्थिक और सामाजिक उत्थान को अहमियत दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने इसे “हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक” बताया और कहा कि यह विकास उनकी नीतियों का केंद्र बिंदु है।









