जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जिला जांजगीर चांपा नवागढ़ (राछाभाठा)। पंडित जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय एवं राधा कृष्ण शिक्षा समिति महाविद्यालय में बाल दिवस पर “बाल आनंद मेला कार्यक्रम” बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, सामाजिक सहभागिता एवं टीमवर्क को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम की शुरुआत दोनों महाविद्यालयों के संचालक एवं प्राचार्यों द्वारा पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरस्वती माता एवं भारत माता के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन व सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. विनोद कुमार बंसल (संचालक, पं. जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय) ने कहा कि “बाल दिवस हमें यह संदेश देता है कि बच्चे देश का भविष्य हैं। उनकी शिक्षा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
वहीं डॉ. अन्नपूर्णा अग्रवाल (संचालक, राधा कृष्ण शिक्षा समिति महाविद्यालय) ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि “बाल दिवस बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
आनंद मेला के दौरान बच्चों ने स्वयं के द्वारा संचालित विभिन्न स्टॉल लगाए, जिनमें खाद्य सामग्री, कला-कौशल, हस्तनिर्मित उत्पादों के साथ पर्यावरण जागरूकता प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। अभिभावकों व आगंतुकों ने बच्चों की रचनात्मकता और प्रस्तुति की खूब प्रशंसा की।
कार्यक्रम के अंत में विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए सांत्वना प्रमाणपत्र दिए गए।
कार्यक्रम में दोनों महाविद्यालयों के प्राध्यापकगण—
राधा कृष्ण शिक्षा समिति महाविद्यालय की सुश्री बबिता मधुकर, सुश्री धनेश्वरी कुर्रे, श्री प्रज्ञानंद कश्यप, श्री मनोज बंजारे, सुश्री प्रगति बंजारे, श्री निखिल जांगड़े, श्री सुदर्शन, श्री धनंजय, सुश्री राम कुमारी, श्री शुभम
तथा
पंडित जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय के श्री तेरस दिनकर (आईक्यूएसी प्रभारी), श्रीमती प्रीति देवांगन, सुश्री यशोदा शांते, सुश्री रजनी साहू, श्री आलोक चंद्रा, श्री जोहित कश्यप, श्री सतीश, श्री अनुभव, श्री शिवरात्रि, श्री आरथों, श्री कमल प्रसाद, श्री अखेंद्र, श्री दीपक, श्रीमती लक्ष्मीन महंत, श्री बरातु साहू, सुश्री मीना कश्यप सहित अन्य सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे।
अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता से यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा।









