Bangladesh Sheikh Hasina Death Sentence:
बांग्लादेश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले का लाइव प्रसारण भी कराया, जिसमें कहा गया कि हसीना के खिलाफ पेश किए गए सबूत बेहद गंभीर हैं और जनता के खिलाफ हुई क्रूरता को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
मुख्य जज गुलाम मुर्तजा की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह मामले सामान्य अपराध नहीं, बल्कि मानवता पर हमला हैं। अदालत ने मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्टों और गवाहियों को आधार बनाते हुए हसीना को दोषी करार दिया।
हसीना और उनके सहयोगियों पर लगे 5 बड़े आरोप
1. हत्या, हत्या की कोशिश और यातना के आरोप
चार्जशीट में कहा गया है कि हसीना ने पुलिस और अवामी लीग से जुड़े हथियारबंद समूहों को आम नागरिकों पर हमला करने के लिए उकसाया और हिंसा रोकने में विफल रहीं।
2. प्रदर्शनकारियों पर घातक कार्रवाई का आदेश
छात्र आंदोलनों को दबाने के लिए कथित तौर पर उन्होंने घातक हथियार, हेलिकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए।
3. अबू सैयद की हत्या की साजिश
16 जुलाई को बेगम रौकेया यूनिवर्सिटी के छात्र अबू सैयद की हत्या में हसीना को साजिशकर्ता और आदेश देने वाली बताया गया है।
4. छह निहत्थे प्रदर्शनकारियों की मौत
5 अगस्त को ढाका के चांखारपुल में हुई फायरिंग में 6 निहत्थे युवाओं की जान गई। कोर्ट ने इसे हसीना के सीधे आदेश और उकसावे से जुड़ा माना।
5. 5 प्रदर्शनकारियों की हत्या, शव जलाने और एक को जिंदा जलाने का आरोप
इस आरोप में गोली मारकर हत्या, शव जलाने और एक प्रदर्शनकारी को जिंदा जलाने की बात दर्ज है।
5 अगस्त 2024 की हिंसा और तख्तापलट के बाद मामला तेज हुआ
5 अगस्त 2024 को देश में बड़े पैमाने पर विरोध, आगजनी और हिंसा के बाद हसीना की सरकार का तख्तापलट हो गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गिरफ्तारी, यातना और गोलीबारी के गंभीर आरोप लगे। हालात बिगड़ने पर हसीना भारत में शरण लेकर चली गईं।
इसके बाद इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उन्हें कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए। लेकिन अदालत के समन का पालन न करने के बाद मुकदमे की सुनवाई उनके बिना ही आगे बढ़ाई गई, और अंततः उन्हें मौत की सजा सुनाई गई।









