Home बस्तर नक्सल मोर्चे पर निर्णायक प्रहार: हिडमा और उसकी पत्नी सहित 6 नक्सली...

नक्सल मोर्चे पर निर्णायक प्रहार: हिडमा और उसकी पत्नी सहित 6 नक्सली मारे गए

11
0

बस्तर-  छत्तीसगढ़–आंध्रप्रदेश की सीमा पर चल रहे बड़े ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को ऐतिहासिक सफलता मिली है। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू (ASR) जिले के मारेदुमिल्ली जंगलों में हुई मुठभेड़ में अब तक 6 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। शुरुआती सूचनाओं के मुताबिक ढेर होने वालों में नक्सलियों का कुख्यात कमांडर माडवी हिडमा, उसकी पत्नी राजे (राजक्का) और संगठन का सब–जोनल कमेटी सदस्य टेक शंकर भी शामिल है।

क्या वास्तव में खत्म हुआ हिडमा का आतंक?

सूत्रों के अनुसार, आंध्र प्रदेश की स्पेशल ग्रेहाउंड टीम ने CPI (माओवादी) की PLGA बटालियन नंबर–1 का मुखिया और केंद्रीय समिति सदस्य माडवी हिडमा (43) को मार गिराया है। हाल ही में उसे संगठन की सेंट्रल कमेटी में प्रमोशन मिला था।

हिडमा अपनी 200–250 हथियारबंद साथियों की टीम के साथ चलता था और उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।

कौन था हिडमा?

माडवी हिडमा, जिसका असली नाम संतोष बताया जाता है, CPI (माओवादी) का सबसे निर्दयी व प्रभावशाली कमांडर माना जाता था।

जन्म : 1981, पूवर्ति गांव, जिला सुकमा

पद : प्रमुख, PLGA बटालियन नंबर–1

पहचान : माओवादी केंद्रीय समिति का सबसे युवा सदस्य

खास बात : बस्तर क्षेत्र से इस टॉप नेतृत्व में पहुंचने वाला अकेला आदिवासी

रिकॉर्ड : 26 से अधिक बड़े हमलों का मास्टरमाइंड

उसकी दूसरी पत्नी राजे (राजक्का), जो संगठन में सक्रिय थी, मुठभेड़ के दौरान उसके साथ ही मारी गई।

कई खौफनाक हमलों की साजिश में शामिल

हिडमा ने पिछले डेढ़ दशक में कई बड़े हमले अंजाम दिए या योजनाएं तैयार कीं:

2010 – दंतेवाड़ा हमला: 76 सीआरपीएफ जवान शहीद

2013 – झीरम घाटी नरसंहार: 27 लोगों की मौत, कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शामिल

2021 – सुकमा–बीजापुर मुठभेड़: 22 सुरक्षा कर्मी शहीद

इन हमलों के कारण उसे सुरक्षा एजेंसियों ने “लाल आतंक का सबसे खतरनाक चेहरा” माना था।

ऑपरेशन के बाद इलाके में हाई अलर्ट

मुठभेड़ के बाद पूरे जंगल क्षेत्र में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की सीमा पर सभी इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।

IG सुंदरराज पी. ने इसे “बहुत महत्वपूर्ण उपलब्धि” बताते हुए कहा कि आधिकारिक पुष्टि के बाद यह घटना वामपंथी उग्रवाद के सफाए में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here