= टैंक में उग आए पेड़ों से टैंक ध्वस्त होने का खतरा =
= सामुदायिक शौचालय निर्माण में लापरवाही पर अफसर नहीं दे रहे ध्यान =
-अर्जुन झा-
बकावंड। विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत पाईकपाल में सामुदायिक शौचालय का निर्माण वैसे तो अधर में लटका हुआ है, वहीं यह ग्रामीणों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है। लोहे के सरिया याछड़ का उपयोग न कर सेप्टिक टैंक निर्माण में बांस बांस का उपयोग किया गया है। यह बांस अब पेड़ों का रूप लेने लगे हैं। इसकी वजह से सेप्टिक टैंक और भी कंडम होने लगा है। आगे चलकर लोग जब यहां निवृत होते बैठे रहेंगे, तब यह टैंक जमींदोज हो सकता है। ऐसे में जनहानि संभव है। चिंता की बात यह है कि संज्ञान में लाने के बाद भी अधिकारी इस गड़बड़ी पर कार्रवाई करने आगे नहीं आए हैं।
ग्राम पंचायत पाईकपाल में सामुदायिक शौचालय निर्माण में गंभीर लापरवाही और अनियमितता सामने आई है। शासन द्वारा स्वीकृत सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य पूर्व सरपंच के कार्यकाल में प्रारंभ किया गया था, लेकिन वर्तमान सरपंच सोमारी कश्यप एवं पंचायत सचिव लिंगोराम विश्वकर्मा द्वारा सेप्टिक टैंक के निर्माण में गुणवत्ता से खुलेआम समझौता किया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सेप्टिक टैंक की आरसीसी निर्माण के लिए स्टील रॉड का उपयोग अनिवार्य होता है, मगर यहां रॉड की जगह बांस का उपयोग किया गया है। यह काम पूरी तरह मनमाने तरीके से कराया गया और निर्माण के दौरान किसी भी तकनीकी मानक का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी इंजीनियर निरीक्षण के लिए पहुंचते हैं, निर्माण में दिख रही अनियमितताओं को अनदेखा कर दिया जाता है। इससे पंचायत में निर्माण कार्यों की निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। पूर्व सरपंच घासीराम बघेल ने भी वर्तमान निर्माण की गुणवत्ता पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सेफ्टी गड्ढे में रॉड के बजाय बांस का उपयोग किया गया है। यह संरचना बहुत दिनों तक टिक नहीं पाएगी और कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि कमजोर निर्माण के कारण भविष्य में टंकी धंसने या टूटने का खतरा बना रहेगा, जिससे दुर्घटना की आशंका भी है।अब ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से तत्काल तकनीकी जांच, जिम्मेदारों पर कार्रवाई एवं मानकों के अनुसार पुनः निर्माण की मांग की है।
हवा में उड़े अफसरों के दावे
सामुदायिक शौचालय निर्माण में बरती जा रही गड़बड़ी को लेकर अधिकारियों द्वारा किए गए जांच एवं कार्रवाई के दावे हवा में उड़ते नजर आ रहे हैं।रोजगार मिशन प्रभारी शानू नाग ने कहा था कि वे तुरंत मौके पर पहुंच कर निरीक्षण करेंगे, लेकिन उनका कोई अता पता नहीं है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के एसडीओ विविध सिंह ने भी कहा था कि अगर किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो सेप्टिक टैंक को तोड़ कर पुनः बनावाया जाएगा।विविध सिंह भी आज तक पाईकपाल नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में कार्रवाई की उम्मीद करना बेमानी ही है।









