Home मुख्य ख़बरें पश्चिम बंगाल में एसआईआर अभियान का असर: अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए झुंड के...

पश्चिम बंगाल में एसआईआर अभियान का असर: अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए झुंड के झुंड सीमा पार कर रहे हैं

364
0

रायपुर संवाददाता – रघुराज 

पश्चिम बंगाल। प्रदेश में शुरू हुए स्टैटिस्टिकल इमिग्रेशन रजिस्ट्रेशन (SIR) अभियान के तहत प्रशासन जब बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान और सत्यापन में जुटा है, तभी उत्तर 24 परगना ज़िले के सीमावर्ती इलाकों में हलचल तेज हो गई है। बशीरहाट उपखंड के बिठारी हकीमपुर ग्राम पंचायत के हकीमपुर चेकपोस्ट पर पिछले दो दिनों से बड़ी संख्या में लोग बांग्लादेश की ओर लौटते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग लंबे समय से भारत में अवैध रूप से रह रहे थे और अब SIR अभियान की शुरुआत के बाद अपने देश की ओर भागने लगे हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हकीमपुर और आसपास के इलाकों में रोजाना सैकड़ों लोग बांग्लादेश सीमा की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें महिलाएं, बच्चे और पुरुष शामिल हैं। कुछ लोगों का कहना है कि वे भारत में घर-निर्माण, खेत मजदूरी, घरेलू कामकाज और ठेला-रिक्शा चलाने जैसे व्यवसायों में वर्षों से लगे थे। किसी के यहां दो साल से, किसी के चार-पांच साल से, तो कई लोग इससे भी पहले से रह रहे थे। लेकिन SIR अभियान शुरू होने की खबर मिलते ही उन्होंने अपने परिवार समेत वापस लौटने का फैसला लिया।

एक सीमा प्रहरी अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेश की सीमा पर तैनात दोनों देशों के सुरक्षाबल पूरी तरह सतर्क हैं। बीएसएफ (BSF) द्वारा सीमा पार करने की हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है। अधिकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों में कई ऐसे लोगों को पकड़ा गया है जो बिना वैध दस्तावेजों के सीमा पार करने का प्रयास कर रहे थे। उन्हें पूछताछ के बाद संबंधित एजेंसियों के हवाले किया गया है।

हकीमपुर के स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इन घुसपैठियों में ज्यादातर लोग पश्चिम बंगाल के अलावा झारखंड, ओडिशा, दिल्ली और तमिलनाडु जैसे राज्यों में फैले हुए थे और वे छोटी-मोटी नौकरियां करते थे। इस अचानक शुरू हुई वापसी ने प्रशासन को भी चौंका दिया है। वहीं, कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि SIR अभियान से देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध घुसपैठियों की पहचान आसान हो जाएगी।

राज्य सरकार ने इस अभियान में स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों को सक्रिय किया है ताकि सीमा पार गतिविधियों पर सख्ती से नियंत्रण किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान देश की सीमा सुरक्षा और जनसंख्या प्रबंधन के दृष्टिकोण से एक अहम कदम साबित हो सकता है।

फिलहाल भारत-बांग्लादेश सीमा के उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद और कूचबिहार जैसे जिलों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सीमा पर हर अप्रवासी की पहचान और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। बिना वैध कागज़ात के किसी को भी भारत में प्रवेश या निकास की अनुमति नहीं दी जा रही।

एसआईआर अभियान की गंभीरता और भारत की कड़ी सीमा नीति के बीच अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में बांग्लादेश बॉर्डर क्षेत्रों में स्थिति किस दिशा में जाती है और क्या यह कदम अवैध प्रवास को रोकने में सफल हो पाता है।

#news36garh.com
#SIR #IndiaBangladeshBorder #IllegalBangladeshi #BangladeshBorder #BSF #WestBengal #India

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here