-एक्यूपंक्चर विधि से डॉ. सोनी करते हैं हर रोग का कारगर ईलाज =
-बलराम को सर्वाइकल ट्यूमर से मिली राहत =
अर्जुन झा/जगदलपुर। बस्तर संभाग के एकमात्र एक्यूपंक्चर विशेषज्ञ डॉ. वीके सोनी एक्यूपंक्चर विधि से जटिल से जटिल रोग का सफल ईलाज करते हैं। उनके ईलाज से नगरनार निवासी 51 वर्षीय बलराम निर्मल को दर्द से बड़ी राहत मिली है।
बलराम निर्मल सर्वाइकल ट्यूमर के चलते पिछले 4 से 5 वार्ष से कंधे में दर्द और हांथों मे झुनझुनी की शिकायत से परेशान थे। जगदलपुर से लेकर विशाखापट्टनम तक कई विशेषज्ञ डॉक्टरों से ईलाज कराने के बाद भी उन्हें कोई विशेष लाभ नहीं मिला। लगभग 25 दिन पहले अपनी शिकायत लेकर वे विशाखापट्टनम गए तो डाक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी। ऑपरेशन के पहले जांच मे ही लगभग डेढ़ लाख रुपये लग गए और ऑपरेशन का खर्च लगभग 4 से 5 लाख रुपये बताया गया।

इस भारी भरकम खर्च को देखते हुए बलराम निर्मल ईलाज के दूसरे विकल्पों के बारे मे पता करने लगे, इसी बीच उनके किसी परिजन ने उन्हें एक्यूपंक्चर विधि के बारे में बताया और उन्होंने अपना इलाज डॉ. वीएल सोनी से इलाज शुरू करवाया। वह ईलाज शुरू होते ही अपने हाथों को उठा पा रहे हैं और कंधे के दर्द में भी काफी राहत मिली है। बस्तर संभाग के एकमात्र एक्यूपंक्चर विधि से ईलाज करने वाले डॉ. वीएल सोनी (एम.डी.एक्युपंचर) ने इस विधि के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि आज की भागदौड़ और तनाव भरी जीवन शैली के कारण लोग तरह-तरह की बीमारियों से जूझ रहे हैं।
अधिकतर लोग दवाइयों पर निर्भर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि दवाईयों के अलावा भी अन्य विधियों से इलाज संभव है।एक्यूपंचर 5 हजार वर्ष पुरानी ईलाज की एसी विधि है जो बिना किसी दवा और दुष्प्रभाव के चमत्कारिक तौर पर लाभ पहुंचाती है। यह विधि दुनिया भर में लोकप्रिय है। हमारे शरीर में कई ऊर्जा बिंदु होते है, बारीक सुईओं की मद्द से इन बिंदुओं को उत्प्रेरित किया जाता है, ऐसा करने से शरीर में ऊर्जा का संतुलन बना रहता है इसके माध्यम से सर दर्द, माइग्रेन, घुटने कमर का दर्द, गार्डन का दर्द मुंह के लकवा शरीर का लकवा, उच्च रक्तचाप अनिद्रा गैस आदि से राहत मिलती है एक्यूपंक्चर से न केवल रोगों से राहत मिलती है बल्कि प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। एक्यूपंचर द्वारा उपचार हमारे लिए प्राकृतिक और सुरक्षित चिकित्सा विधि है।









