हनुमान प्रसाद यादव
एमसीबी/ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयास अब धरातल पर ऐतिहासिक बदलाव लेकर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा घोषित प्रति एकड़ 21 क्विंटल और प्रति क्विंटल 3100 रुपये की दर से धान खरीदी की ऐतिहासिक पहल ने न केवल किसानों के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह भरा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी उल्लेखनीय सक्रियता पैदा की है। इस निर्णय का असर अब गांव-गांव में साफ दिखाई दे रहा है, जहां किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है और कृषि कार्य के प्रति नई भरोसा और प्रेरणा का संचार हुआ है।

सरकार की ऐतिहासिक पहल से किसानों में बढ़ा विश्वास
इसी सकारात्मक माहौल के बीच मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर ब्लॉक अंतर्गत नौ उपार्जन केंद्रों में आज धान खरीदी पूरे उत्साह, पारदर्शिता और अनुशासन के साथ संपन्न हुई, जिसमें सभी नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी, धान खरीदी अधिकारी, सहायक धान खरीदी अधिकारी, रोजगार सहायक और ऑपरेटरों ने अपनी सक्रिय और प्रभावी उपस्थिति दर्ज की। आज की खरीदी में किसानों ने बड़े विश्वास के साथ उपार्जन केंद्रों में आकर धान की बिक्री की। कोटाडोल उपार्जन केंद्र में फूल कुंवर द्वारा 14.80 क्विंटल और राजकुमार यादव द्वारा 56.00 क्विंटल धान बेचा गया। सिंगरौली उपार्जन केंद्र में इंद्रपाल साहू ने 40.80 क्विंटल, माधुरी गुप्ता ने 50.00 क्विंटल, सीताराम गुप्ता ने 150.00 क्विंटल और दुष्यंत कुमार सिंह ने 112.40 क्विंटल धान की विक्रय कर खरीदी प्रक्रिया को मजबूती दी। रापा केंद्र में शैलेश कुमार ने 32.00 क्विंटल धान की बिक्री की। कुवांरपुर केंद्र में शंभु द्वारा 50.00 क्विंटल , जबकि माडि सरई केंद्र में चंद्रवती सिंह ने 42.80 क्विंटल , लेखराज सिंह ने 44.80 क्विंटल और राजा राम ने 36.80 क्यूंटल धान बिक्री कर किसानों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाया। जनकपुर उपार्जन केंद्र में लल्ली बैगा ने 44.80 क्विंटल और नर्मदा गोंड ने 50.00 क्विंटल धान विक्रय किया। बहरासी उपार्जन केंद्र में शीतल प्रसाद यादव द्वारा 100.00 क्विंटल , रामकरन जोगी द्वारा 80.00 क्विंटल और यशोदा नापित द्वारा 41.20 क्विंटल धान की बिक्री की गई। कमर्जी केंद्र में दो किसानों ने कुल 66.00 क्विंटल धान बेचा, जबकि कंजिया केंद्र में एक किसान द्वारा 12.00 क्विंटल धान की बिक्री की गई।
जिसमें कोटाडोल उपार्जन केंद्र में 70.80 क्विंटल, सिगरौली उपार्जन केंद्र में 353.20 क्विंटल, रापा उपार्जन केंद्र में 32.00 क्विंटल, कुवांरपुर में उपार्जन केंद्र में 50.00 क्विंटल, माड़ीसरई उपार्जन केंद्र में 124.40 क्विंटल, जनकपुर उपार्जन केंद्र में 94.80 क्विंटल, बहरासी उपार्जन केंद्र में 221.20 क्विंटल, कमर्जी उपार्जन केंद्र में 66.00 क्विंटल और कंजिया उपार्जन केंद्र में 12.00 क्विंटल धान खरीदी किया गया। जिसका टोटल धान खरीदी 1024.40 क्यूंटल धान खरीदी किया गया है ।
उत्साहपूर्ण खरीदी व्यवस्था ने बढ़ाया किसानों का मनोबल
आज के उपार्जन की सुचारु व्यवस्था और व्यापक भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार की नीतियां सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत में किसानों के जीवन को संवार रही हैं। बढ़ी हुई समर्थन कीमत और बेहतर प्रबंधन ने किसानों के विश्वास को और मजबूत किया है, जिससे वे अपने भविष्य को लेकर अधिक आश्वस्त महसूस कर रहे हैं। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में हुई यह सफल खरीदी न केवल प्रशासनिक तत्परता का उदाहरण है, बल्कि किसानों की मेहनत का सम्मान भी है। आने वाले दिनों में इस खरीदी प्रक्रिया के और भी प्रभावी होने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा किसानों के चेहरे पर प्रसन्नता और विश्वास के उजास निरंतर बना रहेगा।









