बीजापुर जिला ब्यूरो पुकार बाफना
बीजापुर, 20 नवंबर 2025।
दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर की सीमाओं से घिरे अत्यंत दुर्गम ग्राम गमपुर में 18 नवंबर को पहली बार विकासखंड स्तर का कोई अधिकारी पहुँचा। जनपद पंचायत बीजापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री पी.आर. साहू, कार्यक्रम अधिकारी धर्मेंद्र गवेल, एडीईओ मेघराज वट्टी, तकनीकी सहायक तोरण उर्वशा, सेल्समैन हरीश उर्वशा, सरपंच वामन कड़ती, सचिव बिल्लाराम एवं जनपद कर्मचारी प्रेम यादव की टीम ने जंगलों, नदी-नालों और बीहड़ पहाड़ी मार्गों को पार करते हुए ग्राम गमपुर तक पहुँचकर ऐतिहासिक पहल की।
सीईओ श्री साहू ने बताया कि सुकमा जिले के गौटपल्ली में सुरक्षा कैंप स्थापित होने के बाद ग्राम पंचायत गमपुर (गमपुर, कुंएम एवं अन्ड्री) को नियद नेल्लानार योजना में शामिल किया गया है। कलेक्टर श्री संबित मिश्रा मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देश के तहत जनपद टीम बीजापुर से दंतेवाड़ा–बचेली होते हुए किरंदुल पहुँची और वहाँ से 24 किमी मोटरसाइकिल यात्रा के बाद मलगेर नदी, बंजर पहाड़ी की तीन किमी पैदल राह तथा छह छोटे नालों को पार कर गमपुर पहुँची। यह मार्ग अत्यंत कठिन और जोखिमपूर्ण बताया गया।
ग्रामीणों को मिला योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ
गांव पहुँचकर जनपद टीम ने ग्रामीणों को सभी शासकीय योजनाओं की जानकारी दी तथा 60 परिवारों को मनरेगा जॉब कार्ड और 68 ग्रामीणों को मतदाता परिचय पत्र वितरित किए। पूर्व सरपंच धन्नूराम मंडावी एवं ग्रामीण सुभाष मंडावी की मांग पर सीईओ ने बताया कि कलेक्टर द्वारा बिना मांग के ही 5 आंगनबाड़ी भवन, पंचायत भवन एवं तालाब निर्माण की स्वीकृति जारी कर दी गई है। ग्राम में स्वीकृत 59 आवासों के कार्य प्रारंभ कराने लिए सरपंच व सचिव को निर्देश दिए गए।

ग्रामीणों की समस्याओं पर संवेदनशीलता
सीईओ ने ग्रामीणों को आधार कार्ड बनवाने तथा बैंक खाता खोलने के लिए प्रेरित किया। ग्रामवासियों ने आधार एवं प्रमाण पत्रों हेतु पीड़िया में शिविर लगाने तथा राशन दुकान गंगालूर से हटाकर पीड़िया में शुरू करने का निवेदन किया। इस पर सीईओ ने आश्वासन दिया कि कलेक्टर के समक्ष विषय को रखकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत गमपुर (गमपुर, कुंएम, अन्ड्री) में कुल 359 परिवार रहते हैं, जिनमें से केवल 102 के पास आधार कार्ड, 98 के पास ईपिक कार्ड तथा 68 के पास बैंक खाते हैं। सीईओ साहू ने शीघ्र ही पीड़िया में सैचुरेशन शिविर आयोजित कर सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। साथ ही ग्रामीणों को पेंशन, महतारी वंदन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना एवं अन्य योजनाओं का लाभ लेने हेतु जागरूक किया गया।
दुर्गम क्षेत्रों में पहुँचकर सीधे सेवा उपलब्ध कराने प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों के लिए उम्मीद और विश्वास का नया संदेश लेकर आई है।









