बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
बस्तर। विकासखंड बस्तर में समावेशी शिक्षा के अंतर्गत दिव्यांग छात्रों का आकलन शिविर आयोजित किया गया, जो वास्तव में दिव्यांग छात्रों के लिए एक वरदान साबित हुआ। इस शिविर में कक्षा 1 से 12वीं तक के अध्ययनरत दिव्यांग छात्रों का परीक्षण किया गया, जिसमें 82 दिव्यांग छात्रों का आकलन/परीक्षण कर दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किया गया।
शिविर में विशेषज्ञों के द्वारा श्रवण बाधित, बौद्धिक मंदता, अस्थि बाधित, सेरेब्रल पाल्सी, दृष्टि बाधित, UDID पंजीयन, शल्य चिकित्सा, मोतियाबिंद, फिजियोथेरेपी और कृत्रिम हाथ परीक्षण सहित विभिन्न प्रकार के परीक्षण किए गए। इस अवसर पर दिव्यांग छात्रा कु. कविता को व्हील चेयर प्रदान किया गया, जिससे उनकी जिंदगी में एक नया अध्याय शुरू हुआ।

शिविर में दिव्यांग छात्रों एवं अभिभावकों के लिए भोजन, चाय और नाश्ता की व्यवस्था की गई थी, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर उपस्थित दिव्यांग छात्रों और उनके अभिभावकों ने शिविर के आयोजन के लिए राज्य परियोजना कार्यालय एवं जिला परियोजना कार्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया।
शिविर का आयोजन राज्य परियोजना कार्यालय एवं जिला परियोजना कार्यालय के मार्गदर्शन में किया गया था, जिसमें खंड स्त्रोत समन्वयक अजम्बर कोर्राम, समावेशी शिक्षा प्रभारी राजेश त्यागी और कार्यालय की अन्य कर्मचारियों ने सराहनीय सहयोग प्रदान किया। इस शिविर के माध्यम से दिव्यांग छात्रों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं प्रदान करने में मदद मिली। शिविर में मेडिकल बोर्ड के सदस्य डॉ जी.सेतु , डॉ आर के एस राज , डॉ सरिता निर्मल, डॉ रूखसार खान, डॉ नवदीप सिंह, डॉ मोनिका साहू, डॉ रूपेश खेंडुलकर, डॉ उदित साहू, अर्जुन सिंह कश्यप,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बस्तर के नेत्र सहायक, सिकलसेल जांच टीम के साथ शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।









