Home चर्चा में दिवसीय स्वास्थ्य शिविर—ग्रामीणों के जीवन में उम्मीद की नई किरण

दिवसीय स्वास्थ्य शिविर—ग्रामीणों के जीवन में उम्मीद की नई किरण

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बिलासपुर जिला संवाददाता रोशनी सोनी

पश्चिम बस्तर बीजापुर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दो दिवसीय विकासखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दुर्गम ग्रामीण अंचलों में निवासरत लोगों के स्वास्थ्य की गहन जांच कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण और सुलभ उपचार उपलब्ध कराना था।

इस शिविर का संचालन संजीवनी हॉस्पिटल, बिलासपुर के निदेशक एवं वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विनोद तिवारी द्वारा व्यवस्थापित किया गया था जिन्होंने अपनी टीम के साथ निःस्वार्थ भाव से सेवा प्रदान की। उनके साथ कई विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भी ग्रामीणों की जांच और उपचार में सहयोग दिया,
यह आयोजन जिला कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

इस शिविर पर डॉ. सौरभ शर्मा (सीनियर कंसल्टेंट ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन)डॉ. शिशिर जायसवाल (कंसल्टेंट – पेरिफेरल वैस्कुलर सर्जन) डॉ. हरीश सोनी (फिजिशियन) मौजूद रहे इन विशेषज्ञों ने सैकड़ों ग्रामीणों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा आवश्यक दवाइयां, परामर्श और आगे की उपचार योजनाएँ प्रदान कीं।

शिविर स्थल एवं ओपीडी विवरण इन क्षेत्रों में ,
. ग्राम गुंजेपर्ती (आयुष्मान आरोग्य मंदिर पुजारी कांकेर) – 103 मरीज
ग्राम बासागुड़ा (आयुष्मान आरोग्य मंदिर बासागुड़ा) – 203 मरीज
ग्राम फुतकेल (आयुष्मान आरोग्य मंदिर बासागुड़ा) – 121 मरीज

ग्राम कोंडापल्ली (आयुष्मान आरोग्य मंदिर कोंडापल्ली) – 110 मरीज थे जिनमें कुल ओपीडी जांच मरीजों की संख्या 537 थी ।गंभीर रोगों की पहचान और त्वरित उपचार पर भी विशेष ध्यान रखा गया जो शिविर में कई गंभीर बीमारियों का निदान कर तत्काल उपचार कर अस्पताल में रेफर किया गया ।

सीवियर एनीमिया: 06 मरीजों को फील्ड में आयरन सुक्रोज दिया गया।

गले में सूजन: 03 मरीजों को जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर किया गया।

गंभीर कुपोषण: 17 बच्चों को NRC बासागुड़ा भेजा गया।

मुँह में सूजन: 12 मरीज जिला चिकित्सालय के लिए रेफर।

जोड़ों में सूजन: 40 मरीजों को एक्स-रे हेतु बीजापुर भेजा गया।

संभावित टीबी मरीज: 07 मरीज एक्स-रे हेतु भेजा गया

समर्थन और सहयोग इस शिविर पर

इस स्वास्थ्य शिविर की सफलता कई सहयोगी संस्थाओं और व्यक्तियों के समन्वय के साथ संपन्न हुआ जिनमें विकासखण्ड कार्यक्रम अधिकारी श्रवण नेताम,सेक्टर प्रभारी सीएचसी उसूर डॉ. विनित जॉन,सीआरपीएफ के अधिकारी एवं जवान,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि, मितानिनें और सभी स्वास्थ्य कर्मियों का योगदान वंदनीय रहा। इन सभी ने मिलकर इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफल बनाया और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया।

यह स्वास्थ्य शिविर मात्र एक चिकित्सीय पहल नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत प्रतीक है जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को देखते हुए ऐसे शिविर ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी सिद्ध होते हैं।

संजीवनी हॉस्पिटल की टीम ने यह साबित किया कि स्वास्थ्य प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है यह अभियान ग्रामीणों के जीवन में नई आशा और स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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