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शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने हेतु नई मूल्यांकन नीति, छात्रों के समग्र प्रदर्शन पर होगा जोर

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जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जांजगीर चांपा के  स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार और मूल्यांकन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से नई परीक्षा अधिभार प्रणाली लागू की है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कक्षा 1 से 8 तक विद्यार्थियों के वार्षिक परिणाम अब पूरे वर्ष की परीक्षाओं के आधार पर तैयार किए जाएंगे।
जारी निर्देशों के अनुसार कक्षा 1, 2, 3, 4, 6 और 7 के लिए त्रैमासिक परीक्षा में प्राप्त अंकों का 20 प्रतिशत, छःमाही परीक्षा का 20 प्रतिशत तथा वार्षिक परीक्षा का 60 प्रतिशत मिलाकर अंतिम परीक्षाफल तैयार किया जाएगा। इससे छात्रों की निरंतर अध्ययन प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं कक्षा 5वीं एवं 8वीं के लिए छःमाही परीक्षा में प्राप्त अंकों का 30 प्रतिशत तथा वार्षिक परीक्षा का 70 प्रतिशत अधिभार के रूप में जोड़ा जाएगा। विभाग का मानना है कि इन कक्षाओं को बुनियादी स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए मूल्यांकन में अधिक पारदर्शिता और कठोरता आवश्यक है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि यह नई प्रणाली छात्रों में दबाव कम करेगी तथा नियमित मूल्यांकन को बढ़ावा देगी। अभिभावकों को भी पूरे वर्ष बच्चों की प्रगति का स्पष्ट आकलन मिल सकेगा।
 जिला शिक्षा अधिकारी ने अपनी विज्ञप्ति में निर्देश दिया गया है कि इन बदलावों की जानकारी व्यापक स्तर पर जनता और शिक्षण संस्थानों तक पहुँचे, जिसके लिए इसे दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित करना अनिवार्य है।
विद्यालयों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे नई प्रणाली के अनुरूप बच्चों को नियमित अध्ययन और परीक्षा की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि शैक्षिक गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

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