जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जिला जांजगीर-चांपा जिले के शक्ति विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तेंदुटोहा में इन दिनों पर्यावरण संरक्षण की खुली धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। ग्राम पंचायत और राजस्व विभाग से बिना किसी प्रकार की अनुमति, शासकीय सामुदायिक भवन परिसर के हरे-भरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई तेजी से जारी है। चिंताजनक बात यह है कि जिस क्षेत्र में पेड़ों का संरक्षण और संवर्धन आवश्यक माना जाता है, वहीं सरकारी ज़मीन पर लगे वृक्षों को बिना प्रक्रिया पालन किए काटा जा रहा है।
वन विभाग की चुप्पी पर सवाल
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सामुदायिक भवन परिसर में वर्षों से विकसित पेड़-पौधे न केवल गांव की हरियाली को बढ़ाते थे, बल्कि गर्मी में लोगों के लिए शीतल छाया का साधन भी थे। इसके बावजूद, पेड़ों की कटाई की शिकायतें वन विभाग तक कई बार पहुंचाई गईं, लेकिन विभाग ने कोई संज्ञान लेना उचित नहीं समझा।
वन विभाग की यह चुप्पी ग्रामीणों में आक्रोश और संदेह दोनों का विषय बनी हुई है।
ग्राम पंचायत और राजस्व विभाग से भी अनुमति नहीं
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि पेड़ों की कटाई के लिए न तो ग्राम पंचायत से अनुमति ली गई है और न ही राजस्व विभाग द्वारा कोई वैध स्वीकृति प्रदान की गई है। ऐसे में यह पूरी प्रक्रिया कानूनी रूप से अवैध है।
छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत सरकारी भूमि पर मौजूदा पेड़-पौधों को काटने के लिए सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों की अनुमति अनिवार्य है।

पर्यावरण को गंभीर खतरा
पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से न सिर्फ गांव की हरियाली और सौंदर्य नष्ट हो रहा है, बल्कि इससे
स्थानीय पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ेगा
भूजल स्तर पर प्रभाव पड़ेगा
गर्मी में तापमान बढ़ेगा
पक्षियों और छोटे जीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट होगा
ग्रामीणों ने बताया कि सामुदायिक भवन के आसपास का क्षेत्र पहले हरियाली से भरा रहता था, लेकिन अब लगातार कटाई से वहाँ वीरानी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों में रोष, कार्रवाई की मांग
तेंदुटोहा के ग्रामीण इस अवैध कटाई से बेहद चिंतित हैं। उनका आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों की मौन सहमति से यह कार्य हो रहा है, जबकि ग्रामीणों की आवाज को अनसुना किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, वन विभाग और पंचायत विभाग से मांग की है कि—
तत्काल जांच हो
जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए
कटे हुए पेड़ों का हिसाब प्रस्तुत किया जाए
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए
ग्राम पंचायत तेंदुटोहा में सरकारी परिसर में बिना अनुमति पेड़ों की अवैध कटाई जोरो पर
ग्राम पंचायत तेंदुटोहा में सरकारी परिसर में बिना अनुमति पेड़ों की अवैध कटाई न केवल कानून का खुला उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा भी है। जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि वह इस मामले में शीघ्र संज्ञान ले और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए उचित कदम उठाए।







