लखनपुर संवाददाता विकासअग्रवाल।
लखनपुर।।
दूसरे प्रांतों में लकड़ी कोयले की बिक्री कर कर रहे हैं मोटी कमाई
सरगुजा जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में दूसरे प्रांतों से आए लोगों के द्वारा अवैध तरीके से लकड़ी से कोयला बनाने वाले भट्ठे का संचालन किया जा रहा है। भट्ठों से निकलने वाले धुएं से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।दरअसल पुरा मामला लखनपुर से शहर से लगे ग्राम गोरता का है जहां उत्तर प्रदेश से आए लोगों के द्वारा बिना अनुमति के लकड़ी से कोयला बनाने वाले अवैध भट्ठे का संचालन किया जा रहा है। यही नहीं इन लोगों के द्वारा किसानों के साथ साथ बड़े पैमाने पर सड़क किनारे लगे शासकीय पेड़ो की कटाई किया जा रहा है। क्षेत्र में लगातार हो रहे बबुल, यूकेलिप्टस, नीलगिरी, सेमर प्रजातियों पेड़ो की कटाई से इन प्रजाति के पेड़ समाप्त होते जा रहे हैं। यही नहीं इन लड़कियों से बनने वाले कोयले को ट्रकों में परिवहन कर दूसरे प्रांतों में बिक्री कर मोटी कमाई की जा रही है। ताजुब्ब की बात तो यह है कि शासन प्रशासन के नाक के नीचे नियमों की ताक पर रख कर दीगर राज्य से आए लोगों द्वारा खुलेआम पेड़ों की कटाई लकड़ी से कोयले बनाने का कार्य किया जा रहा है परंतु शासन प्रशासन के द्वारा इन पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है। अब देखने वाली बात होगी कि शासन प्रशासन के द्वारा इन लकड़ी माफियाओं के खिलाफ किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है या फिर पेड़ कटाई और लकड़ी से बनने वाले कोयले का यह खेल लगातार जारी रहेगा।
लकड़ी से निकले वाले धुआं से पर्यावरण को खतरा
लकड़ी से कोयला बनाने से पर्यावरण को कई तरह के खतरे होते हैं लकड़ी से कोयला बनाने के दौरान जहरीली गैस निकलती है जो हवा को प्रदूषित करती है और स्वास्थ्य संबंधित बीमारियों का कारण बनती है। तो वही कोयला के उत्पादन के लिए क्षेत्र से अधिक मात्रा में पेड़ों को कटाई किया जा रहा है।
सड़क किनारे शासकीय पेड़ो की कटाई
दूसरे प्रांतों से आए लोगों के द्वारा सड़क किनारे के शासकीय पेड़ों को भी बिना अनुमति कटाई कर परिवहन किया जा रहा है। और रात के अंधेरे में ट्रकों में भरकर दूसरे राज्यों में परिवहन किया जा रहा है।









