बिलासपुर संवाददाता – योगेंद्र राठौर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरुवार को कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बढ़े हुए बिजली बिल, धान खरीदी में अव्यवस्था, जर्जर सड़कों और रजिस्ट्री शुल्क में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता नेहरू चौक से मार्च करते हुए कलेक्टोरेट पहुंचे।
बैरिकेडिंग पर भिड़ंत, पुलिस से धक्का-मुक्की
कलेक्टोरेट से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ उग्र हो गई और बैरिकेड तोड़ने लगी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जोरदार धक्का-मुक्की हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वज्र वाहन और वाटर कैनन का प्रयोग किया। पानी की तेज धार लगने से कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी नीचे गिर पड़े, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
“भाजپا सरकार में जनता बेहाल” — कांग्रेस
कांग्रेस नेता विजय केसरवानी ने कहा कि भाजपा सरकार के शासन में जनता हर मोर्चे पर परेशान है।
उनके अनुसार—
बिजली बिलों में लगातार बढ़ोतरी
धान खरीदी में कुप्रबंधन
शहर की जर्जर सड़कें
गरीबों की झुग्गियों पर बुलडोज़र की कार्रवाई
नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार केवल विज्ञापनों में विकास दिखा रही है, जबकि जमीन पर हालत लगातार खराब होते जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।
पुलिस की तैयारी और ट्रैफिक व्यवस्था
CSP सिविल लाइन निमितेश सिंह ने बताया कि प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई थी।
प्रमुख मार्गों पर बैरिकेड
अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
ट्रैफिक डायवर्जन
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के बीच आम नागरिकों को कम से कम असुविधा हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया।
तेज बौछारों के बीच भी नहीं डिगे कार्यकर्ता
वाटर कैनन की तेज बौछारों के बावजूद कई प्रदर्शनकारी लंबे समय तक खड़े रहे। कुछ देर तक अफरा-तफरी की स्थिति रही, लेकिन बाद में पुलिस ने हालात काबू में कर लिए।
कांग्रेस ने दोहराया कि जब तक जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।









