मुंबई-
कॉमेडियन कपिल शर्मा के कनाडा स्थित कैफ़े पर हुई फायरिंग मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बड़ी सफलता हासिल की है। लगातार लोकेशन बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे मुख्य आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए व्यक्ति की पहचान बंधनु मान सिंह के रूप में हुई है। जांच में यह भी साफ हुआ कि उसका सीधा संबंध कुख्यात अपराधी गोल्डी बराड़ के गैंग से है। आरोपी के खिलाफ पहले से कई संगीन मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक हाई-एंड चाइनीज़ पिस्टल और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली है कि कपिल शर्मा के कैफ़े पर गोलीबारी के तुरंत बाद आरोपी भारत लौट आया था ताकि विदेशी एजेंसियों की कार्रवाई से बच सके। अब पुलिस उससे गिरोह की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों, फायरिंग की योजना और जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि यह नेटवर्क भारत और कनाडा दोनों जगहों पर उगाही और धमकाने जैसी आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय है।
तीन बार हो चुकी है फायरिंग
कपिल शर्मा के कैफ़े को इससे पहले तीन बार निशाना बनाया जा चुका है—पहली घटना जुलाई में हुई, जिसके बाद अगस्त और अक्टूबर 2025 में दो और फायरिंग की घटनाएँ सामने आईं। इन वारदातों के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुआ था जिसमें खुद को गोल्डी ढिल्लों और उसके साथियों का गैंग बताते हुए जिम्मेदारी ली गई थी। पोस्ट में दावा किया गया था कि उनकी कार्रवाई किसी “टारगेट” को लेकर है, आम जनता से नहीं।
वर्तमान में दिल्ली पुलिस आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क और पूरी साजिश को उजागर करने में जुटी हुई है।









