Home चर्चा में पीएम मोदी ने DGP‑IG कॉन्फ्रेंस में सुरक्षित भारत की दिशा में दी...

पीएम मोदी ने DGP‑IG कॉन्फ्रेंस में सुरक्षित भारत की दिशा में दी नई पहल — पूरे देश के लिए “महिला सुरक्षा” का राष्ट्रीय प्लेटफार्म बनाने का सुझाव

85
0
DGP-IG कॉन्फ्रेंस में पुलिसिंग में AI, जियो-पॉलिटिकल चुनौतियाँ और महिलाओं की सुरक्षा पर चर्चा; 30 विद्यार्थियों से भी मुलाकात की
छत्तीसगढ़ के रायपुर (नवा रायपुर) में जारी 60वीं अखिल भारतीय DGP-IG कॉन्फ्रेंस में देश के पुलिस प्रमुख, सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी और केंद्रीय नेतृत्व शामिल हुए। नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श हुआ — और महिला सुरक्षा को लेकर एक अहम प्रस्ताव भी सामने आया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों के साथ अनौपचारिक बातचीत के दौरान सुझाव दिया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए देशव्यापी एक समर्पित प्लेटफार्म (national platform) बनाया जाए। इस प्रस्ताव का मकसद है — सभी राज्यों में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों, उत्पीड़न, असुरक्षा की शिकायतों को एक केंद्रीकृत, विश्वसनीय व्यवस्था के तहत दर्ज करना और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करना।
सम्मेलन का एजेंडा केवल महिला सुरक्षा तक सीमित नहीं था; पुलिसिंग में आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन तकनीक, साइबर क्राइम, विस्फोटक नियंत्रण, नक्सलवाद, आतंकवाद, संगठित अपराध, और तेजी से बदलते जियो-पॉलिटिकल परिदृश्य आदि पर भी गहन चर्चा हुई।
इस साल की कांफ्रेंस का थीम था “विकसित भारत: सुरक्षा आयाम” — यानी आने वाले दशक के लिए भारत की सुरक्षा रणनीति को आधुनिक, समेकित और भरोसेमंद बनाना।
अधिकारियों ने सुझाव दिया कि महिला सुरक्षा प्लेटफार्म — डायल 112 जैसे ही एक एकीकृत आपातकालीन नंबर या पोर्टल हो — जिससे महिलाओं की शिकायतें, सुरक्षा-निरन्तरता, और निगरानी बेहतर हो सके।
कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन, ‘मॉडल स्टेट’ चुना जाएगा — यानी वो राज्य जिनकी पुलिसिंग प्रैक्टिस और नवाचार सर्वश्रेष्ठ रहे, उन्हें उदाहरण बनाकर पूरे देश में लागू करने की तैयारी होगी।
 पीएम मोदी की छात्र-मुलाकात
कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने 30 विद्यार्थियों (केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सरकारी स्कूलों के) से मुलाकात की। इस मुलाकात में युवाओं द्वारा पूछे गए करियर, परीक्षा और भविष्य से जुड़े सवालों पर चर्चा की गई। इसके बाद पीएम दिल्ली रवाना हुए।
क्यों है यह पहल अहम?
1. महिला सुरक्षा पर केंद्रीकृत ध्यान — अलग-अलग राज्यों में अलग तरह की शिकायत व्यवस्था के बजाए, एक राष्ट्रीय मंच से शिकायतों का ट्रैक, मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
2. नवीन तकनीक और आधुनिक पुलिसिंग — AI, ड्रोन, साइबर ट्रैकिंग आदि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर पुलिसिंग को भविष्य के लिए तैयार करना।
3. राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय — राज्यों और केंद्र के बीच सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, साइबर क्राइम आदि में बेहतर तालमेल होगा।
4. बेसलाइन वर्ड मॉडल स्टेट — जहाँ से सर्वोत्तम प्रैक्टिस को देखकर दूसरे राज्य प्रेरणा लेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here