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एकसाथ 65 लाख के 27 ईनामी सहित 37 नक्सलियों ने छोड़ी हिंसा की राह; लौट आए समाज मुख्यधारा में

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
पूना मारगेम पहल ने दिखाया पुनर्वास से पुनर्जीवन का रास्ता 
जगदलपुर। बस्तर संभाग में एकबार फिर थोक में 37 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। हिंसा की राह छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे इन नक्सलियों में 27 पर कुल 65 लाख का ईनाम घोषित है। नक्सलियों का यह आत्मसमर्पण विष्णु देव साय सरकार की नीतियों की बड़ी उपलब्धि है। इन नक्सलियों ने बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में समर्पण किया है।
बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, पुलिस उप महानिरीक्षक जगदलपुर रेंज एस. अरूल कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक (ऑपरेशन) सीआरपीएफ दंतेवाड़ा रेंज राकेश चौधरी, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा श्री गौरव राय एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा रामकुमार बर्मन  के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे छग शासन के “पूना मारगेम’’ यानि पुनर्वास से पुनर्जीवन कार्यक्रम पहल पर भरोसा जताते हुए माओवादी हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति और प्रगति के मार्ग को अपना रहे हैं और समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। आज 30 नवंबर को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लेकर 65 लाख के 27 ईनामी सहित कुल 37 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण की ईच्छा जाहिर की। इन नक्सलियों ने उप महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ राकेश चौधरी, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, सीआरपीएफ के कमांडेंटगण 111वीं वाहिनी गोपाल यादव, 230वीं वाहिनी अनिल कुमार प्रसाद व 80वीं वाहिनी जितेंद्र कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन एवं उप कमांडेंट विमल के समक्ष डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पण किया।
इन नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराने में डीआरजी, बस्तर फाईटर्स, विशेष आसूचना शाखा दंतेवाड़ा,  सीआरपीएफ दंतेवाड़ा एवं आरएफटी जगदलपुर का विशेष योगदान रहा। आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रूपए की सहायता राशि के साथ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलने वाली अन्य सुविधाएं,  स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग, कृषि भूमि इत्यादि मुहैया कराई जाएंगी। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में कुमली उर्फ अनिता मंडावी कंपनी नंबर- 6 सदस्य एवं एसजेडसीएम कमलेश की गार्ड, ईनाम 8 लाख रूपए, गीता उर्फ लख्मी उर्फ लक्ष्मी मड़काम कंपनी नंबर 10 सदस्य ईनाम 8 लाख रूपए, रंजन उर्फ सोमा मंडावी कंपनी नंबर 6 सदस्य ईनाम 8 लाख रूपए, भीमा उर्फ जहाज कलमू कंपनी नंबर 2 सदस्य ईनाम 08 लाख रूपए, क्रांति उर्फ पोदिये गावड़े एसीएम आमदई एरिया कमेटी ईनाम 5 लाख रूपए, कुमारी मुन्नी कर्मा प्लाटून नंबर 16 सदस्य ईनाम 2 लाख रूपए, लक्ष्मी अटामी प्लाटून नंबर 16 सदस्य ईनाम 2 लाख रूपए, कृष्णा पदामी पल्लेवाया पंचायत मिलिशिया कमांडर ईनाम 2 लाख रूपए मगंड़ी उर्फ मंगली हेमला ककाड़ी आरपीसी केएएमएस अध्यक्ष ईनाम 2 लाख, दशरू डोडी बेलनार आरपीसी मिलिशिया सदस्य ईनाम 2 लाख, नंदू मंडावी गमपुर पंचायत सीएनएम कमांडर ईनाम 2 लाख, विज्जा मिच्चा कोलनार आरपीसी मिलिशिया अध्यक्ष ईनाम 2 लाख, हिड़मे कुहड़ाम मंलागेर एरिया पार्टी सदस्य व एरिया कृषि शाखा अध्यक्ष ईनाम 1 लाख, रोशनी उर्फ हुंगी सोड़ी आमदई एरिया कमेटी पार्टी सदस्य ईनाम 1 लाख, राजू उर्फ गांधी लेकाम इंद्रावती एरिया कमेटी पार्टी सदस्य ईनाम 1 लाख, जनकू वेको बोड़गा आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष ईनाम 1 लाख, बुधराम माड़वी पल्लेवाया आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष ईनाम 1 लाख, सुखमति उर्फ सुक्की ताती एलओएस सदस्य ईनाम 1 लाख, सुकलू कड़ियाम गमपुर आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष ईनाम 1 लाख, टाकलू उर्फ अजय कश्यप आमदई एरिया कमेटी पार्टी सदस्य ईनाम 1 लाख, बामन मंडावी हंड्री आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष ईनाम 1 लाख, अर्जुन कुंजाम भैरमगढ़ एरिया कमेटी पार्टी सदस्य ईनाम 1 लाख, कुमारी सोमारी परसा इंद्रावती एरिया कमेटी पार्टी सदस्य ईनाम 1 लाख, विजय ओयाम इंद्रावती एरिया कमेटी पार्टी सदस्य ईनाम 1 लाख, फूलमती उर्फ शांति वेको भैरमगढ़ एरिया कमेटी पार्टी सदस्य ईनाम 1 लाख,
नितेश उर्फ बदरू अलामी कुसमेली आरपीसी सीएनएम सदस्य ईनाम 50 हजार, सुखराम कुहड़ाम जैगूर आरपीसी सीएनएम सदस्य ईनाम 50 हजार, . माराराम लेकाम मूलवासी बचाओ मंच सदस्य, हेमला बुगुर ताकीलोड़ पंचायत कृषि शाखा सदस्य, बबलू ओयाम बेचापाल आरपीसी छात्र संगठन सदस्य, मंगडू लेकाम डोडीतुमनार आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य, बामन उर्फ साई कुंजाम डोडीतुमनार आरपीसी जनताना सरकार सदस्य व संस्कृति शाखा अध्यक्ष, मल्ला बारसे रेवाली पंचायत संघम सदस्य, पांडू ताती ग्राम अचेली जीआरडी सदस्य, नंदा मड़काम ककाड़ी आरपीसी केएमएस सदस्य, देवे मड़काम ककाड़ी आरपीसी केएमएस सदस्य और लिंगा कुंजाम अरनपुर आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य शामिल हैं।
20 माह में 508 का सरेंडर
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर पिछले 20 महीनों में दंतेवाड़ा जिले में 165 ईनामी सहित 508 से अधिक नक्सलियों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर सामाज की मुख्यधारा को अपनाया है। माओवादियों की वरिष्ठ नेतृत्व से लेकर आधार क्षेत्र के सक्रिय कैडर तक बड़ी संख्या में माओवादी संगठन से अलग हो चुके हैं। वहीं लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 333 ईनामी सहित कुल 1160 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
 मुख्यधारा में लौटने की अपील
‘‘पूना मारगेम’’ यह संदेश देता है कि हर किसी को लौटने का अवसर उपलब्ध है। दंतेवाड़ा पुलिस तथा जिला प्रशासन शांति एवं विकास के दोहरे लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध है तथा नक्सलियों को संवाद, अवसर और संवेदना के माध्यम से समाज में लौटने का मार्ग देता रहेगा। नक्सलियों से अपील की गई है कि वे हिंसा का मार्ग त्यागें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें। अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझें और शांति, सद्भाव एवं पुनर्वास का मार्ग अपनाएं। हिंसा का मार्ग छोड़िए, शांति, पुनर्वास और सम्मान की राह अपनाइए, अपने परिवार और बस्तर के हितों और समृद्धि के लिए।

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