हर साल 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day) मनाया जाता है। यह दिन उन लोगों के लिए समर्पित होता है जो एचआईवी/एड्स से प्रभावित हैं, और इसका उद्देश्य है इस वैश्विक महामारी के खिलाफ जागरूकता फैलाना, भेदभाव को खत्म करना और संक्रमित लोगों के प्रति सहानुभूति बढ़ाना।
एचआईवी और एड्स में अंतर:
– एचआईवी (HIV) एक वायरस है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है।
– एड्स (AIDS), एचआईवी का अंतिम और गंभीर चरण है।
बचाव ही सुरक्षा है:
– असुरक्षित यौन संबंध से बचें
– इस्तेमाल की गई सुई या ब्लेड का प्रयोग न करें
– रक्त चढ़ाने से पहले HIV टेस्ट अनिवार्य करें
– समय पर जांच और इलाज कराना ज़रूरी है
भेदभाव न करें:
एचआईवी संक्रमित व्यक्ति को सामाजिक सहारा और मानसिक मजबूती की ज़रूरत होती है, न कि तिरस्कार की। समाज को चाहिए कि वह ऐसे लोगों को अपनाए और जागरूकता फैलाए।









