जगदलपुर-
बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र में बुधवार को हुई भीषण मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। शुरुआत में 12 माओवादियों के ढेर होने की पुष्टि हुई थी, लेकिन गुरुवार सुबह जारी सर्चिंग में चार और शव बरामद किए गए। इस तरह अब कुल संख्या बढ़कर 16 हो गई है। DIG कमलोचन कश्यप ने इसकी औपचारिक पुष्टि की है। वहीं स्थानीय सूत्रों का दावा है कि मौके पर करीब 20 नक्सलियों के मारे जाने की आशंका है।
दुर्भाग्यपूर्ण बात यह रही कि इस ऑपरेशन में DRG के तीन बहादुर जवान—प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और जवान रमेश सोड़ी—ने वीरगति प्राप्त की। इसके अलावा दो जवान घायल हुए थे, जिन्हें सुरक्षित इलाज मिल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने SLR, INSAS और 303 राइफलों सहित कई हथियार बरामद किए हैं। सभी शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कैसे शुरू हुई मुठभेड़
बुधवार सुबह करीब 9 बजे DRG, STF, COBRA और CRPF की संयुक्त टीम बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा के वेस्ट बस्तर डिवीजन में सर्च ऑपरेशन पर थी। इसी दौरान घने जंगलों में छिपे नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने तुरंत पोज़िशन लेते हुए जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ कई घंटों तक चलती रही।
वर्तमान में इलाके में बड़े पैमाने पर सर्चिंग जारी है और अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की घुसपैठ या बच निकलने की कोशिश को रोका जा सके।









