हर वर्ष 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस (World Soil Day) मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मिट्टी के संरक्षण और उसके महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। मिट्टी केवल धरती की ऊपरी परत नहीं है, बल्कि यह जीवन का आधार है — खाद्य सुरक्षा, पारिस्थितिकी और जलवायु संतुलन का मूल स्रोत।
“मिट्टी की सेहत, जीवन की सुरक्षा” पर आधारित है, जो हमें याद दिलाती है कि उपजाऊ मिट्टी के बिना हमारा अस्तित्व असंभव है। दुर्भाग्यवश, अत्यधिक रासायनिक उपयोग, वनों की कटाई, और जलवायु परिवर्तन के कारण आज मिट्टी तेजी से बंजर होती जा रही है।
इस दिन के अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाएं, जैविक खाद और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करें, और वृक्षारोपण को बढ़ावा दें। मिट्टी को बचाना, सिर्फ पर्यावरण की रक्षा करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देना है।









