सुकमा संवाददाता – दीपक पोड़ियामी
सुकमा में सुशासन की नई पहचान बनी श्रीमती विजया दुर्गा
सुकमा/ नवाचार और सुशासन का वास्तविक मूल्य तभी दिखाई देता है, जब उसकी रोशनी सीधे आम नागरिकों के जीवन में बदलाव लाए। सुकमा जिले की कुड़करास निवासी किसान श्रीमती विजया दुर्गा आज इसी बदलाव की जीवंत मिसाल हैं। राज्य सरकार द्वारा लागू “टोकन तुहर हाथ” मोबाइल ऐप ने न केवल उनकी धान विक्रय प्रक्रिया को आसान बनाया, बल्कि उन मुश्किलों को भी दूर कर दिया, जो वर्षों से किसानों की दिनचर्या का हिस्सा थीं। पहले धान बेचने के लिए किसानों को लंबी कतारों में घंटों इंतज़ार करना पड़ता था, कई बार भीड़ और अव्यवस्था के कारण समय व ऊर्जा दोनों की हानि होती थी। लेकिन इस बार श्रीमती दुर्गा ने अपने घर बैठे ही कुछ मिनटों में ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर लिया। न भीड़, न दबाव सिर्फ मोबाइल पर कुछ क्लिक और पूरी प्रक्रिया संपन्न। वे संतोष व्यक्त करते हुए कहती हैं धान खरीदी व्यवस्था अब बिल्कुल सरल और पारदर्शी है। टोकन भी आसानी से ऑनलाइन कट गया और धान बेचने में कोई परेशानी नहीं हुई।
इस वर्ष श्रीमती दुर्गा ने सहकारी समिति केंद्र सुकमा में 102 क्विंटल धान का विक्रय किया। धान बिक्री से प्राप्त राशि को वे गृहस्थी और कृषि उन्नति में उपयोग करती हैं। उनकी मानें तो डिजिटल टोकन प्रणाली ने न केवल समय बचाया बल्कि उन्हें अपने काम योजनाबद्ध तरीके से करने में मदद भी की।
छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा समर्थन मूल्य में धान खरीदी व्यवस्था में विकसित यह ऑनलाइन सिस्टम आधारित समाधान किसानों को अपनी सुविधा के हिसाब से तारीख और समय चुनने की स्वतंत्रता देता है। इससे न केवल अनावश्यक भीड़ कम हुई है, बल्कि शिकायतें और भ्रम की स्थिति भी समाप्त हो गई है। सबसे विशेष बात यह है कि श्रीमती दुर्गा स्वयं अपने गांव के अन्य किसानों को भी ऐप का उपयोग करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। ग्रामीण प्रशासन और तकनीक का यह संगम अब वास्तविक परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। “टोकन तुहर हाथ” जैसी ऑनलाइन खरीदी व्यवस्था यह प्रमाणित करती हैं कि सही नीतियां और पारदर्शी व्यवस्था कैसे किसानों की पूरी प्रणाली को अधिक सहज, सुरक्षित और सुगम बना सकती हैं।









