बालोद से सिटिजन जर्नलिस्ट – इरफान खान
सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष,पूर्व जनपद अध्यक्ष आदिवासी नेता जीवन ठाकुर की जेल अभिरक्षा के दौरान मौत से समाज आक्रोशित है। आक्रोश आज उस वक्त वृहत रूप ले लिया जब मृतक के सुपुत्र सहित कई पदाधिकारी एवं ग्रामवासी कलेक्टोरेट पहूंच गये। पूर्व से ही कलेक्ट्रेट पहूंच मार्ग पर बेरीकेडिंग की गई थी,जहां भारी तादात में पुलिस बल भी मौजूद थे।
कलेक्ट्रेट गेट के सामने लोग बैठ गये इनमें से समाज के तकरीबन 15-20 लोगों को अंदर जाने दिया गया। कलेक्टर के सामने उपस्थित होकर समाज प्रमुखों ने बातें रखी। सबने जेल अभिरक्षा में हुई मौत को संदेहास्पद बताया। सवाल किए कि क्यों किस आदेश पर कांकेर जेल से रायपुर रिफर किया गया। रायपुर मेकाहारा में ईलाज के दौरान मौत की सुचना क्यों इतनी देरी से परिजनों को आज के मोबाईल,सोशल मीडिया के इस युग में इतनी देरी से दी गई? इस घटना की न्यायिक जांच की मांग की गई। पोस्टमार्टम समाज के जिम्मेदार व्यक्ति की उपस्थिति में वीडियोग्राफी के साथ किये जाने की मांग दोहराई। इधर मृतक जीवन ठाकुर के छोटे पुत्र समीर ठाकुर जो मौजूद रहे ने कलेक्टर के सामने यह शर्त रखी कि उनके पिता का पार्थिव देह तब लेंगे अंतिम संस्कार करेंगे जब इस मामले में उच्चाधिकारियों को बर्खास्त नहीं किया जाता।
अधिकारियों पर कब तक कार्रवाई होगी के सवाल पर कलेक्टर ने जांच उपरांत एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई का आश्वासन दिया। लेकिन तत्काल कार्रवाई की मांग की जाती रही,किसी तरह स्वीकार किया गया कि एक सप्ताह यानि अगले शुक्रवार तक कार्रवाई देखने मिलेगी। जेलर के सवाल पर कहा कि यहां के जेलर को हटा दिया गया है।
समाज प्रमुखों की बातों को कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने ध्यान से सुना और अपनी बातें दोहराते मीडिया से रूबरू होते अपनी बातें रखी। सामाजिकजनों ने एसपी कार्यालय कूच किया। आक्रोशित समाज के लोगों ने इधर इससे पूर्व ही चारामा नगर के कोरर चौक एवं थाना के सामने राजमार्ग 30 में चक्काजाम कर दिया। आज के गतिविधियों में विजय ठाकुर, गौतम कुंजाम, ठाकुर राम कश्यप, डेमल ठाकुर,लक्ष्मीकांत गावडे, सुमेर सिंह नाग(संभागीय अध्यक्ष गोंडवाना समाज) कन्हैया उसेण्डी, समाज प्रमुख बीरेश ठाकुर, हेमंत ध्रुव, जीवधर कावडे, जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर, नवली मीना मंडावी, शिवलाल कावडे, रोहित नेताम,घनश्याम जुर्री सहित सैकडों लोग मोजूद रहे। चारामा में आखिरी समय आश्वासन पर चक्काजाम खत्म किया गया। चक्काजाम के दौरान धमतरी एवं कांकेर की ओर वाहनों की कतार लग गई। भानुप्रतापपुर की विधायक सावित्री मंडावी ने कहा कि समाज इस मामले पर एकजुट है, हमारे सवालों का जवाब चाहिए,न्याय चाहिए। समाज प्रमुखों ने कहा कि सात दिन का समय कहा गया है‚यह भी देख लेते हैं‚क्या—क्या कार्रवाई दिखायी देता है।









