देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo पर आए तकनीकी/ऑपरेशनल संकट का असर छठे दिन भी बरकरार रहा — स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार आज 350 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे कई शहरों के हवाईअड्डों पर यात्रियों की भीड़ और मांग-तकरार दिखाई दी। यात्रियों ने एयरपोर्ट पर ही लामबंदी, टिकट काउंटर पर घंटों खड़े रहना और यात्रा योजनाओं के बिखरने की शिकायतें दर्ज कराईं।
सरकार ने स्थिति को गंभीर मानते हुए हस्तक्षेप किया है और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने IndiGo को निर्देश दिया है कि रद्द या प्रभावित हुई सभी फ्लाइटों के यात्रियों को रविवार रात 8 बजे (8:00 PM) तक पूरा रिफंड दिया जाए। साथ ही, जो सामान यात्रियों से अलग हुआ है उसे 48 घंटे के भीतर खोजकर उनके पते पर पहुंचाने के भी निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अगर एयरलाइन समयसीमा का पालन नहीं करती है तो उसके खिलाफ नियामक कार्रवाई की जा सकती है।
इंडिगो के चलते हुए व्यवधानों के कारण कई यात्रियों को ज़रूरी मीटिंग्स, कनेक्टिंग फ्लाइट्स और निजी कार्यक्रम रद्द करने पड़े। कुछ यात्रियों ने एयरपोर्ट पर रिफंड की धीमी प्रक्रिया और कस्टमर-केयर के लंबे इंतज़ार की बात बताई। यात्रियों को राहत देने के लिए सरकार ने निर्देश दिए हैं कि affected यात्रियों से किसी भी तरह का रीस्ड्यूलिंग चार्ज वसूला न जाये — यानी जिन्हें यात्रा बदलनी पड़े, उन पर अतिरिक्त फीस नहीं लगनी चाहिए।
IndiGo (InterGlobe Aviation) ने भी स्थिति को संभालने के लिए कदम उठाए हैं — कंपनी ने कहा है कि वह प्रभावित यात्रियों के भुगतान को अपने ओरिजिनल मोड पर ऑटोमैटिक रूप से रिफंड करेगी और संकट से निपटने के लिए एक Crisis Management Group/Passenger Support cell सक्रिय कर दिया गया है। कंपनी ने कुछ बुकिंग-पीरियड (5–15 दिसंबर) के लिए रिफंड और रीस्ड्यूलिंग फीस में छूट की घोषणा भी की है, ताकि यात्रियों की असुविधा कम की जा सके। एयरलाइन ने यात्रियों से धैर्य रखने का अनुरोध करते हुए क्षमा भी मांगी है।
विश्लेषकों का मानना है कि इंडिगो पर लगातार फ्लाइट-रद्दीकरण के पीछे ऑपरेशनल गड़बड़ी, रोज़गार बदलाव या जेट-फ्लीट-मैनेजमेंट में आई दिक्कतें हो सकती हैं — और ऐसे मामले एयरलाइन की ग्राहकीय साख तथा शेयर धारकों की चिंता का विषय बन जाते हैं। मंत्रालय और नियामक निकायों की नज़र अब एयरलाइन के सुधारात्मक कदमों और रिफंड प्रक्रिया की समयबद्धता पर टिकी हुई है।
यात्रियों के लिए सलाह: जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं वे अपनी बुकिंग/टिकट का स्टेटस और रिफंड-अधिसूचना अपनी ई-मेल/एयरलाइन-ऐप में चेक करें; अगर 8 बजे तक रिफंड नहीं मिलता तो वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय या DGCA की शिकायत पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं — सरकार ने स्पष्ट किया है कि आदेशों के उल्लंघन पर एयरलाइन के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई संभव है।









