Income Tax Department (आयकर विभाग) ने छत्तीसगढ़ में एक बड़े और संगठित टैक्स चोरी (tax evasion) के संदेह में व्यापक छापामारी शुरू की है। प्रारंभिक जांच में लगभग ₹300 करोड़ की कथित टैक्स चोरी और अप्रत्यक्ष (undeclared) आय का पता चला है।
क्या पाया गया — छापेमारी में मिले सबूत
अधिकारियों को कई स्टील एवं रियल-एस्टेट कारोबारियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं, जिनमें भूमि-संपत्ति (property) और प्रॉपर्टी डील्स से जुड़े निवेश (real-estate investments) शामिल थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब 20 से अधिक कंपनियों का तार इन कारोबारियों से जुड़ा हुआ है — जिनमें फर्मों, प्रॉपर्टी डेवेलपमेंट कंपनियों तथा प्रॉपर्टी-ट्रेड से जुड़ी इकाइयाँ शामिल हैं। (उद्घाटन रिपोर्ट के आधार पर)
छापेमारी के दौरान नकद (cash), बैंक-लॉकर (bank lockers), कागजी रिकार्ड, कंप्यूटर हार्ड-डिस्क, जमीन और प्रॉपर्टी दस्तावेज जैसे बहुत से महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए गए हैं।
यह भी पता चला है कि इस “ब्लैक मनी” को रियल-एस्टेट और प्रॉपर्टी में निवेश कर के, आय को छिपाने की कोशिश की गई है — ताकि टैक्स चोरी की वास्तविक आय छुपाई जा सके।

किन कारोबारियों और क्षेत्रों पर रेड पड़ी
प्रमुख आरोपी स्टील व्यापारी और प्रॉपर्टी डीलर बताए जा रहे हैं — जिनके घर, दफ्तर और प्लांट (यदि उद्योग है तो) समेत कई ठिकानों पर कार्रवाई हुई।
जांच का दायरा राजधानी समेत रायपुर के आसपास और स्टील-प्रॉपर्टी से जुड़े ज़ोन तक फैला हुआ है। शुरुआती दौर में लगभग 40–45 ठिकानों की तलाशी ली गयी, और बाद में यह दायरा और भी बढ़ाया गया।
सरकार और विभाग की प्रतिक्रिया
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि यदि टैक्स चोरी, फर्जी बिलिंग या आय छिपाने की पुष्टि होती है — तो इन कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग यह भी देख रहा है कि फर्जी कंपनियों या shell-firms का इस्तेमाल कर कौन-कौन शामिल था, ताकि सम्पूर्ण नेटवर्क उजागर किया जा सके।









