छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने आगामी बजट प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि उनकी चल रही योजनाओं, व्यय, उपलब्धियों और भविष्य की जरूरतों से जुड़ी क्रियान्वयन रिपोर्ट तय समय सीमा के भीतर प्रस्तुत की जाए। इन रिपोर्टों के आधार पर नए बजट का प्रारूप तैयार किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, हर विभाग से मौजूदा वित्त वर्ष में किए गए कामों की प्रगति, लंबित योजनाओं, बजट की मांग और अगले वित्त वर्ष की आवश्यकताओं का विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है। इन विवरणों को संकलित करने के बाद विभाग-वार बजट आवंटन तय किया जाएगा।
सरकार ने पूरी बजट प्रक्रिया को गति देने के लिए 24 दिसंबर तक बजट का ड्राफ्ट तैयार करने की समयसीमा तय की है। बजट में किन योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, किस क्षेत्र में फंड बढ़ेगा और किस हिस्से में कटौती होगी — इन सबका निर्णय विभागीय रिपोर्टों के विश्लेषण के आधार पर होगा।
इस बार बजट में कृषि, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और महिला-कल्याण जैसी योजनाओं को प्राथमिकता मिलने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि अंतिम फैसला फाइल अध्ययन और विभागीय प्रस्तावों के अनुसार लिया जाएगा।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, रिपोर्ट समय पर प्राप्त होने पर बजट प्रक्रिया सुचारू रहेगी, ताकि आगामी वित्त वर्ष की योजनाएँ बिना देरी के लागू की जा सकें।









