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विधायक चैतराम अटामी ने जनजाति समाज के विकास और कल्याण के लिए पिछले दो वर्षों के कार्यकाल में मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में किए गए कार्यो और उपलब्धियों की सराहना की

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दंतेवाड़ा । विधायक चैतराम अटामी ने जनजाति समाज के विकास और कल्याण के लिए पिछले दो वर्षों के कार्यकाल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किए गए कार्यो और उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना जनजाति समाज के विकास के बिना नहीं की जा सकती। श्री अटामी ने कहा कि इस लिहाज से प्रदेश में भाजपा सरकार के दो वर्षों का कार्यकाल सुशासन का रहा है।
विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने सत्ता सम्हालते ही तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर अब 5500 रुपए प्रति मानक बोरा कर दी जिससे 13 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार लाभान्वित हुए हैं। हितग्राहियों को बोनस का लाभ भी मिल रहा है। इसी प्रकार कांग्रेस सरकार द्वारा बंद की गई चरण पादुका योजना को पुन: शुरू किया गया। श्री अटामी ने बताया कि नई दिल्ली के ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर अब 185 कर दी गई है। बैगा, गुनिया, हड़जोड़ को सालाना 5-5 हजार रुपए की मुख्यमंत्री सम्मान निधि प्रदान की जा रही है। जनजाति बहुल गाँवों में अखरा निर्माण विकास योजना शुरू की गई। जनजाति समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों की प्रतिमाएँ स्थापित की जा रही है। इसी प्रकार पीएम जनमन योजना के तहत राज्य के 18 जिलों के 2121 ग्रामों की 2160 बसाहटों में 59,758 विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के परिवार लाभान्वित हुए हैं।
विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि जनमन योजना के तहत देश में 4,781 किलोमीटर लंबाई की सड़कें स्वीकृत की गई है जिनमें 2,449 किलोमीटर की सड़कें अकेले छत्तीसगढ़ में ही हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में अनुसूचित जनजाति बहुल ग्राम लाभान्वित हुए जिनमें राज्य के 32 जिलों के 6,691 ग्राम शामिल हैं। श्री अटामी ने कहा कि बस्तर, सरगुजा, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया गया। पाँचों प्राधिकरणों की कमान अब सीधे मुख्यमत्री के जिम्मे है। इसके साथ ही जनप्रतिनिधित्व को और मजबूत किया गया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद गठित कर दी गई है। आदिम जाति कल्याण मंत्री इस परिषद के उपाध्यक्ष बनाये गए है। इस परिषद कुल 18 सदस्य है, जिसमें वन मंत्री सहित 13 विधायक और 4 सामाजिक कार्यकर्ता शामिल है।
विधायक श्री अटामी ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर रहा। 128 विकासखंडों के 6,650 गांवों में 133 लाख वालेंटियरों के माध्यम से जनजाति हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। यह अभियान जनजातीय समुदायों में उत्तरदायी शासन और आत्मनिर्भरता की भावना को सशक्त कर रहा है। श्री अटामी ने कहा कि जनजाति बहुल क्षेत्रों के विकास की सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद रहा है, जिसे समूल नष्ट करने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प को प्रदेश की भाजपा सरकार ने सिद्धि तक पहुँचाने का काम किया है। आज छत्तीसगढ़ में नक्सली आतंक खात्मे की ओर है जिससे बस्तर समेत प्रदेश के सभी क्षेत्र के जनजाति समाजों में विश्वास का वातावरण बना है। श्री अटामी ने कहा कि जनजाति समाज के उत्थान और नक्सलवाद के समूल खात्मे के दोनों मोर्चों पर प्रदेश की साय-सरकार ने अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है।

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