बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
डॉ. श्रीमती शिरोमणि माथुर की साहित्य साधना का हुआ बहुमान
बालोद। जिले के गौरव ग्राम बघमार में आयोजित कंगला मांझी महोत्सव में दल्ली राजहरा नगर की सुप्रसिद्ध लेखिका डॉ. शिरोमणि माथुर को प्रतिष्ठित सम्मान अगासदीया दुर्वासा लाल निषाद सम्मान से विभूषित किया गया है।
देवरी में गांव में जन्मे देश की रक्षा के लिए शहादत देने वाले वीर सपूत दुर्वासा लाल निषाद सम्मान 2025 राष्ट्रीय स्तर की प्रसिद्ध लेखिका डॉ. शिरोमणि माथुर को प्रदान किया गया। डॉ. शिरोमणि माथुर ने अपने गृह नगर राजहरा पर शोधपरक ग्रंथ लिखकर माटी का ऋण चुकाया है। इसीलिए वे लगातार वंदित, अभिनंदित हो रही हैं। डॉ. शिरोमणि माथुर प्रसिद्ध समाजसेविका और श्रेष्ठ शिक्षाविद भी हैं।अब तक वे 11 श्रेष्ठ ग्रंथों का लेखन कर चुकी हैं और उम्र के इस पड़ाव में भी उनकी कलम की धार पैनी बनी हुई है।

डॉ. शिरोमणि माथुर अब भी साहित्य की सेवा में अनवरत लगी हुई हैं। डॉ. श्रीमती माथुर देश की विलक्षण लेखिका हैं। उनकी रचनाएं 65 साझा संकलन में संकलित हैं। यह पूरे देश के साहित्य जगत और साहित्य प्रेमियों के लिए गर्व की बात है कि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड, वर्ल्ड वाइड बुक रिकार्ड्स एवं सेंट्रल प्राइड ऑफ इंडिया ने डॉ. शिरोमणि माथुर की साधना का सम्मान किया है। डॉ. श्रीमती माथुर द्वारा लिखित एक हजार दोहों का संकलन विशिष्ट काव्य संग्रह है। आध्यात्मिक रूचि की विलक्षण लेखिका डॉ. शिरोमणि माथुर आगे भी साहित्य जगत की समृद्धि के लिए नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करते हुए और सतत लेखन कर अपार यश अर्जित करेंगी इस आशा के साथ यह सम्मान उन्हें डौंडी लोहारा क्षेत्र के ग्राम बघमार में 6 नवंबर को आयोजित कंगला मांझी महोत्सव 2025 में प्रदान किया गया। डॉ. शिरोमणि माथुर को यह प्रतिष्ठित सम्मान श्री मांझी अंतर्राष्ट्रीय समाजवाद आदिवासी सैनिक किसान संस्था नई दिल्ली की राष्ट्रीय अध्यक्ष राजमाता फूलोदेवी कांगे के हाथों प्रदान किया गया। इस अवसर पर शहीद दुर्वासा लाल निषाद के परिजन, अगसदिया परिवार के संस्थापक अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. परदेशी राम वर्मा, कंगला मांझी सरकार के परिजन एवं अनेक ख्यातिलब्ध साहित्यकार, कवि और हजारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।









