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ग्राम पंचायत में शासकीय विद्यालय नहीं होने से बच्चों और अभिभावकों को हो रही परेशानी वर्षों से प्राथमिक शाला खोले जाने की मांग

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वर्ष 2015 में केना पारा प्राथमिक शाला को किया गया मर्ज।।
लखनपुर संवाददाता विकास अग्रवाल।
लखनपुर।
सरगुजा जिले का  एक ऐसा ग्राम पंचायत है जहां शासकीय विद्यालय नहीं होने से बच्चों और अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में विद्यालय नहीं होने से छोटे बच्चे लगभग 2 किलोमीटर दूरी तय कर दूसरे ग्राम पंचायत के प्राथमिक शाला पहुंच पढ़ाई करने को विवश है। जब यह गांव आश्रित ग्राम था तो यहां प्राथमिक शाला का संचालन होता था। विगत 10 वर्षों पूर्व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के द्वारा आश्रित ग्राम केनापारा के प्राथमिक शाला को मूल ग्राम पंचायत पोड़ी के प्राथमिक शाला में मर्ज कर दिया गया। दरअसल पूरा मामला लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत केनापारा का है। एक ही ग्राम पंचायत में दो प्राथमिक शाला होने पर वर्ष 2015 में केना पारा प्राथमिक शाला को  ग्राम पौड़ी प्राथमिक शाला में मर्ज कर दिया गया। केनापारा के लगभग 50 से अधिक बच्चे ग्राम पोड़ी के प्राथमिक शाला में अध्यनरत है। वर्ष 2019 में ग्राम पौड़ी से अलग होकर आश्रित ग्राम केना पारा ग्राम पंचायत के अस्तित्व में आया। जब से ग्राम पंचायत बना तब से ग्रामीणों के द्वारा ग्राम पंचायत में शासकीय प्राथमिक शाला खोले जाने की मांग की जा रही है। उबर खाबड़ और कच्चे रास्ते से होकर छोटे बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने ग्राम पोड़ी प्राथमिक शाला जाते हैं । जिससे उन्हें कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वही ग्राम सरपंच सहित ग्रामीणों ने पूर्व विधायक और लुण्ड्रा के विधायक प्रबोध मिंज सहित वर्षों विभागीय अधिकारियों से ग्राम केनापारा में प्राथमिक शाला  खोले जाने की मांग की जा रही है। परंतु शासन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। अब देखने होगी की क्या आने वाले समय में ग्राम किला पर में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पुनःसरकारी स्कूल खोला जाता है या फिर दूसरे गांव में ही केना पारा के बच्चों को शिक्षा लेना पड़ेगा।
  50 से अधिक बच्चे पोड़ी प्रथमिक शाला में अध्यनरत 
 ग्राम पोड़ी प्राथमिक शाला में कक्षा पहली से पांचवी तक 92 बच्चे अध्यनरत है। इस विद्यालय में ग्राम केनापारा के लगभग 50 बच्चे अध्यनरत है। शासकीय विद्यालय नहीं होने से बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
संकुल समन्वयक उजीयार विश्वकर्मा 
इस संबंध में संकुल समन्वयक उजियार विश्वकर्मा से बात करने पर उनके द्वारा बताया गया कि वर्ष 2015 में  केनापारा के शासकीय प्राथमिक शाला को ग्राम पौड़ीके प्राथमिक शाला में मर्ज कर दिया गया है। वर्तमान में विश्वविद्यालय में लगभग 92 बच्चे अध्यनरत है।92 में से आधे बच्चे ग्राम केना पारा के अध्यनरत है। इस विद्यालय में दो शिक्षक पदस्थ हैं और आला अधिकारियों के निर्देश पर एक अन्य शिक्षक को विद्यालय में अटैच किया गया है। ग्रामीणों की मांग पर कई बार ग्राम  केनापारा शासकीय प्राथमिक शाला पुनः संचालित किए जाने आवेदन अधिकारियों को दिया गया है।
शासकीय प्राथमिक शाला भवन में आंगन बाड़ी केंद्र का संचालन 
ग्राम केनापारा के शासकीय प्राथमिक शाला भवन में  आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किया जा रहा है। रखरखाव के अभाव में शासकीय प्राथमिक शाला भवन केनापारा जर्जर अवस्था में है। विगत कई वर्षों से इस भवन में आंगनवाड़ी केद्र भवन का संचालन किया जा रहा है।

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