Home चर्चा में शिक्षा के प्रति ऎसी ललक!दूधमुहे बच्चे को लेकर परीक्षा देने बैठी मां

शिक्षा के प्रति ऎसी ललक!दूधमुहे बच्चे को लेकर परीक्षा देने बैठी मां

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा 

= बीईओ भारती देवांगन ने सम्हाला बच्चे और मां को =
= उल्लास महापरीक्षा में दिखा जबरदस्त उत्साह =
= बस्तर ब्लॉक में 5 हजार से ज्यादा नव साक्षरों दी उल्लास महापरीक्षा =
जगदलपुर। बस्तर के आदिवासी और ग्रामीण अब शिक्षा के प्रति काफी जागरूक हो चले हैं। इसका शानदार नजारा बस्तर ब्लॉक में 7 दिसंबर को आयोजित उल्लास महापरीक्षा में देखने को मिला। एक महिला अपने दूधमुहे बच्चे को लेकर परीक्षा देने पहुंची थी। वहीं झुक चुकी कमर वाली बूढ़ी महिलाओं ने भी परीक्षा में भाग लिया। दूध पीते बच्चे को लेकर परीक्षा देने पहुंची महिला और बुजुर्ग महिला को बस्तर विकासखंड की बीईओ भारती देवांगन ने सहारा दिया।
बस्तर ब्लॉक में उल्लास महापरीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस महाअभियान में उल्लास केंद्रों में अध्ययनरत नवसाक्षरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के अनेक असाक्षर महिला-पुरुष भी बड़ी संख्या में परीक्षा देने पहुंचे। उनकी भागीदारी और पढ़ने-लिखने के प्रति जागरूकता देखते ही बनती थी, जिससे पूरे क्षेत्र में एक सकारात्मक माहौल नजर आया। बस्तर के मधोता सेक्टर के अंतर्गत रेटावंड, खड़का-मधोता, कुंडगुड़ा, रोतमा, मुंडागांव, गुरिया, राजपुर, केशरपाल, तुरपुरा, बनियागांव, भोंड और इनके अलावा बस्तर ब्लॉक के सभी संकुलों में नवसाक्षरों ने सक्रिय रूप से परीक्षा में हिस्सा लिया। बस्तर ब्लॉक मे लगभग 5 हजार परीक्षार्थियों ने इस महा अभियान परीक्षा में परीक्षा दी। कई परीक्षा केंद्रों में मां -बेटी, पिता- पुत्र भी साथ में परीक्षा देने पहुंचे। बस्तर खंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन ने विकासखंड के सुदूर क्षेत्र मांदलापाल, पाथरी, कांवड़गाव तक पहुंच कर परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। एक परीक्षा केंद्र में एक परीक्षार्थी महिला अपने दूध पीते बच्चे के साथ परीक्षा देने आई थी। इस महिला को खंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन ने पर्ची देकर परीक्षा में बिठाया और उसे तथा उसके बच्चे को सहारा भी दिया। इसी केंद्र में परीक्षा देने आई एक बुजुर्ग महिला को भी सुश्री देवांगन ने सहारा देकर परीक्षा हॉल तक पहुंचाया।


शासन-प्रशासन ने इस आयोजन को बड़ी गंभीरता के साथ लेते हुए विशेष मॉनिटरिंग टीमों का गठन किया था। उच्च अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। साक्षरता बढ़ाने की दिशा में यह प्रयास शासन की उस दूरीदर्शी सोच का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत लक्ष्य रखा गया है कि क्षेत्र का हर नागरिक, चाहे वह पुरुष हो या महिला सभी को साक्षरता की श्रेणी में लाना है। उल्लास नवभारत महा परीक्षा का मकसद यही है कि समाज में कोई भी व्यक्ति असाक्षर न रह जाए और सभी को पढ़ने-लिखने के अवसर उपलब्ध हो। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन, बीआरसी अजंबर कोरार्म, उल्लास नवभारत साक्षरता बस्तर के नोडल देवेंद्र सोनी, सेक्टर नोडल, डमरू दास पंत, खुरेश मंडावी, आयतू राम पाढे़, कृष्णा सिंह ठाकुर, चंद्रशेखर स्वादू , विकास रावटे, सभी संकुलों के सीएसी एवं शिक्षक उपस्थित थे।

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