आज के समय में आधार कार्ड पहचान और पते का सबसे जरूरी दस्तावेज बन चुका है। बैंक अकाउंट खोलने, मोबाइल सिम लेने, होटल में चेक-इन करने या किसी सरकारी योजना का लाभ उठाने—हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है। इसी कारण UIDAI समय-समय पर आधार से जुड़े नियम अपडेट करता रहता है। अब UIDAI एक बड़ा बदलाव लागू करने जा रहा है, जो आधार वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल देगा।
फोटोकॉपी का झंझट होगा खत्म
अब तक कई संस्थान आधार वेरिफिकेशन के नाम पर लोगों से आधार कार्ड की फोटोस्टेट कॉपी लेते थे और उसे अपनी फाइलों में सुरक्षित रखते थे। यह तरीका वर्षों से चल रहा था, लेकिन अब UIDAI इसे समाप्त करने की तैयारी में है। आगे से किसी भी तरह की फिजिकल कॉपी जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
पेपर-बेस्ड वेरिफिकेशन सिस्टम खत्म
UIDAI ने संकेत दिया है कि आधार का पेपर-बेस्ड वेरिफिकेशन अब बंद किया जाएगा। इसका मतलब है कि आधार कार्ड की फोटोकॉपी या प्रिंटआउट दिखाकर पहचान सत्यापित करने की प्रक्रिया खत्म होने वाली है।
QR कोड और डिजिटल वेरिफिकेशन अनिवार्य
नई प्रणाली के तहत कोई भी संस्था आधार वेरिफाई करने के लिए UIDAI में ऑनलाइन रजिस्टर होगी। इसके बाद वेरिफिकेशन केवल दो तरीकों से होगा—
1) QR कोड स्कैन करके
2) UIDAI के अधिकृत ऐप से
यानी पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी और कहीं भी आधार की कॉपी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
UIDAI जल्द लॉन्च करेगा नया ऐप
UIDAI के CEO भुवनेश कुमार ने बताया कि इस नियम को मंजूरी मिल चुकी है और इसे जल्द लागू किया जाएगा। नई सुविधा के लिए UIDAI एक नया मोबाइल ऐप लाने जा रहा है, जिसके जरिए ऐप-टू-ऐप आधार वेरिफिकेशन संभव होगा।
डेटा और प्राइवेसी होगी अधिक सुरक्षित
अब तक आधार की फोटोकॉपी कई जगह सुरक्षित रखी जाती थी, जिससे दुरुपयोग या डेटा लीक का खतरा बना रहता था। लेकिन डिजिटल सिस्टम आने से—
1) आधार डेटा किसी के पास स्टोर नहीं होगा
2) प्राइवेसी ज्यादा सुरक्षित रहेगी
3) गलत इस्तेमाल की आशंका बेहद कम हो जाएगी
कुल मिलाकर क्या बदलेगा?
UIDAI का यह नया नियम देश में आधार वेरिफिकेशन को पूरी तरह डिजिटल बना देगा। यह न केवल प्रक्रिया को आसान बनाएगा, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और गोपनीयता को भी मजबूत करेगा।









