Home बस्तर करपावंड थाना क्षेत्र के मेला मड़ई में खुड़खुड़ी जुए का जोर

करपावंड थाना क्षेत्र के मेला मड़ई में खुड़खुड़ी जुए का जोर

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-स्थानीय पुलिस कार्यप्रणाली पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल=
-अर्जुन झा-
बकावंड। विकासखंड में बकावंड में सुशासन सरकार विकास कार्यों को लेकर काफी सजग है। सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर लोग व्यापार और रोजगार की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन लोगों की आर्थिक प्रगति में जुआ, झंडा मुंडा और खुड़खुड़ी जैसे रुपयों के दांव लगाने वाले खेलों के जरिए यहां के लोगों को आर्थिक रूप से अपंग बनाया जा रहा है। मड़ई मेलों में जुए की गतिविधियां खुलेआम चलाई जा रही हैं और स्थानीय पुलिस कुछ नहीं कर पा रही है।

विकासखंड के करपावंड थाना क्षेत्र के ग्राम पाथरी में आयोजित मेला मंडई में खुलेआम खुड़खुड़ी और झंडा मुंडा का खेल चला। ग्रामीण अपनी मेहनत की कमाई गंवाते रहे। यहां तक कि छोटे छोटे बच्चे भी दांव लगाते देखे गए। ऐसा खेल चलाने वाले कहते हैं कि यह सिर्फ मनोरंजनका साधन है, लेकिन स्थानीय लोग साफ कहते हैं यह खेल नहीं, जेब काटने की मशीन है। शाम 4 बजे से तड़के 4 बजे तक चलता रहा खुड़खुड़ी का खेल। तंबू के भीतर 15–20 लोगों की टीम, छह पासे, छह डिब्बे वाला कपड़ा और टोकरा। पूरा सेटअप हर दिन तैयार रहता है। उड़ीसा के ये तत्व गांवों में बिना रोकटोक जुआ खिला रहे हैं। बच्चे, किशोर, और बुजुर्ग, सबकी भीड़ तंबुओं के आसपास लगी रहती है। ग्रामीणों की शिकायत पर पाथरी के सरपंच समदु कश्यप ने कहा कि जुआ खिलाने की कोई अनुमति पंचायत ने नहीं दी है। यह सब हमारी जानकारी के बिना हो रहा है। सरपंच के इस बयान ने मेला प्रबंधन और पंचायत की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सोनपुर निवासी मोहन नेताम नामक व्यक्ति ऐसा खुड़खुड़ी जुआ चला रहा था। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार मोहन नेताम पूरी दमदारी के साथ कहता है कि जो भी आएगा, मैं निपट लूंगा, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। जुआ खिलाने वाले का यह कथन इस बात की तरफ इशारा करता है कि जुआ स्थानीय संरक्षण में ही फलफूल रहा है।

थाना प्रभारी के बेतुके बोल
जब पत्रकारों ने करपावंड थाना प्रभारी से अनुमति व कार्रवाई पर सवाल किया तो उन्होंने नाराजगी भरे अंदाज में कहा- मैं क्या मैं परमिशन देने लाईगर का हूं? आप लोग कैसी–कैसी बात करते हो, मुझे कुछ समझ नहीं आता! थाना प्रभारी का यह बयान सोशल मीडिया और ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है। लोग पूछ रहे हैं- अगर थाने को ही कुछ समझ नहीं आता तो कानून किससे उम्मीद करे?

एसपी की सख्ती ने थाने में तोड़ा दम
बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए कहा कि
विशेष टीम भेज कर जुआ खिलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों में उम्मीद जगी थी कि इस बार पक्की तौर कार्रवाई होगी, मगर ढाक के वही तीन पात। ग्रामीणो ने बताया कि एसपी के निर्देश के बाद पुलिस टीम गांव पहुंची और जुअ चलाने वालों को पकड़कर थाने ले गई, मगर कुछ समय थाने में बिठाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। आगे कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। इसका मतलब यही हुआ कि एसपी की सख्ती का दम करपावंड थाने में निकल गया।

ग्रामीणों में भारी नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की मिलीभगत और गांव के कुछ लोगों के समर्थन से खुड़खुड़ी जुआ हर साल की तरह इस बार भी चलता रहा। लोगों का कहना है कि मंडई के दौरान अवैध जुआ साल-दर-साल चलता आ रहा है। शिकायतें होती हैं, मीडिया में कवरेज भी होता है, लेकिन न कभी स्थायी कार्रवाई होती है, ना जुआ रुकता है। इस बार एसपी तक मामला पहुंचने के बावजूद जुआ बंद करने की जगह जुआ खिलाने वाले तत्व फिर से एक्टिव हो गए। इसे लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

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