Home चर्चा में पारदर्शिता और तकनीक का संगम: किसानों को मिल रहा मेहनत का वास्तविक...

पारदर्शिता और तकनीक का संगम: किसानों को मिल रहा मेहनत का वास्तविक मूल्य

3
0
जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
 जिला जांजगीर-चांपा जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी व्यवस्था ने एक नई मिसाल कायम की है। सहकारी समितियों के धान उपार्जन केंद्रों में इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया न केवल सुचारू और व्यवस्थित रही, बल्कि पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक के उपयोग ने किसानों के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। इस सकारात्मक बदलाव का लाभ किसानों तक सीधे पहुँच रहा है, और इसका सबसे बड़ा उदाहरण सिवनी धान उपार्जन केंद्र में अपना 188.80 क्विंटल धान बेचने वाले किसान श्री सतीश कुमार मिश्रा हैं।
व्यवस्था में सुधार से किसानों को मिली बड़ी राहत
किसान श्री मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में बहुत आसान और तनावमुक्त रही।
नमी परीक्षण,
तौल प्रक्रिया,
टोकन सत्यापन,
तथा केंद्र में तैनात स्टाफ का सहयोगी व्यवहार
इन सभी ने मिलकर धान बेचने को एक सरल अनुभव बना दिया। केंद्र में साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, शेड और बैठने की सुविधाएँ पहले की तुलना में बेहतर हैं, जिससे किसानों को लम्बे समय तक खड़े रहने या किसी प्रकार की अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ा।
तुरंत उपलब्ध बारदाना और बिना देरी की तुलाई
पिछले वर्षों में बारदाना की कमी, तुलाई में देरी और भारी भीड़ जैसी समस्याएँ आम थीं। इस वर्ष समय पर बारदाना उपलब्ध होने से किसानों को किसी प्रकार की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी। तुलाई भी बिना किसी रुकावट के लगातार होती रही। इससे न केवल किसानों का समय बचा बल्कि उन्हें मनोवैज्ञानिक राहत भी मिली कि उनकी मेहनत बेवजह बाधाओं में नहीं फंसी।
‘तुहंर टोकन’ मोबाइल ऐप ने बदली खरीदी की तस्वीर
केंद्र में भीड़ और लंबी लाइनों की समस्या को इस वर्ष पूरी तरह खत्म करने में तुहंर टोकन मोबाइल ऐप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। किसान श्री मिश्रा के अनुसार—
> “घर बैठे कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन टोकन मिल गया। न भीड़ का सामना करना पड़ा, न इंतजार करना पड़ा। इस तकनीक ने किसानों का समय और ऊर्जा दोनों बचाई है।”
यह ऐप किसानों को तय समय पर केंद्र पहुँचने की सुविधा देता है, जिससे अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बिल्कुल नहीं बनती। तकनीक का यह उपयोग शासन की किसान-हितैषी सोच को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पारदर्शी प्रबंधन
किसान श्री मिश्रा ने विशेष रूप से कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए गए प्रबंधन सुधारों का प्रत्यक्ष लाभ किसानों को मिल रहा है। खरीदी की पारदर्शिता, त्वरित प्रक्रिया और डिजिटल सिस्टम की मजबूती ने किसानों के भरोसे को और अधिक मजबूत किया है। किसानों को यह महसूस हो रहा है कि उनकी मेहनत का सही मूल्य उन्हें बिना किसी परेशानी के मिल रहा है।
किसानों की संतुष्टि ही बेहतर प्रशासन का प्रमाण
धान बेचने के बाद श्री मिश्रा ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा—
> “हमारी सालभर की मेहनत का सही मूल्य मिला है। इस बार धान बेचने में न कोई समस्या आई, न समय की बर्बादी हुई। यह व्यवस्था सचमुच किसानों के लिए राहत भरी है।”
उनके जैसे हजारों किसान इस वर्ष बेहतर प्रबंधन, तकनीकी सुविधा और पारदर्शी प्रक्रियाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।
जांजगीर-चांपा जिले में इस वर्ष की धान खरीदी प्रक्रिया यह साबित करती है कि जब शासन पारदर्शिता,
जांजगीर-चांपा जिले में इस वर्ष की धान खरीदी प्रक्रिया यह साबित करती है कि जब शासन पारदर्शिता, तकनीक और किसान-केन्द्रित सोच को प्राथमिकता देता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधे पड़ता है। किसान संतुष्ट हों, उनकी मेहनत का सही मूल्य उन्हें मिले—यही किसी भी प्रशासन की सफलता का सबसे बड़ा पैमाना है। इस वर्ष की व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here