रायपुर-
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में शासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी और नई नीतियों को मंजूरी दी गई।
1. आत्मसमर्पित नक्सलियों के मामलों की वापसी प्रक्रिया को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा और उनके निराकरण की रूपरेखा को स्वीकृति दी।
इसके लिए कैबिनेट उपसमिति गठित की जाएगी, जो मामलों की जांच कर उन्हें अंतिम निर्णय हेतु मंत्रिपरिषद के सामने रखेगी।
यह प्रक्रिया नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति–2025 के अनुरूप होगी, जिसमें अच्छे आचरण वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों को राहत देने का प्रावधान है।
इसके साथ ही—
जिला स्तर पर भी एक समिति बनेगी, जो पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेजेगी।
विधि विभाग की राय लेने के बाद मामले उपसमिति को भेजे जाएंगे।
केंद्र से जुड़े मामलों में भारत सरकार से अनुमति ली जाएगी।
अन्य मामलों को न्यायालय में अभियोजन अधिकारी के माध्यम से वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
2. 14 अधिनियमों में संशोधन वाला ‘जन विश्वास विधेयक–2025 (द्वितीय संस्करण)’ पास
राज्य सरकार ने कानूनों को अधिक सरल, समयानुकूल और नागरिकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 14 अधिनियमों में संशोधन वाले जन विश्वास विधेयक के नए प्रारूप को मंजूरी दी है।
महत्वपूर्ण बिंदु:
कई पुराने कानूनों में छोटे उल्लंघनों पर भारी दंड/कारावास की वजह से न्यायालयों का बोझ बढ़ जाता था।
नए बदलावों से ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा मिलेगा।
छोटे मामलों के लिए प्रशासकीय दंड का प्रावधान होगा, जिससे त्वरित निपटारा संभव होगा।
लंबे समय से अपरिवर्तित जुर्मानों में भी संशोधन किया जाएगा, जिससे कानूनों की प्रभावशीलता बढ़ेगी।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य है, जिसने जन विश्वास विधेयक का दूसरा संस्करण भी लाया है।
3. प्रथम अनुपूरक बजट अनुमान 2025–26 के लिए विनियोग विधेयक को मंजूरी
कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के प्रथम अनुपूरक अनुमान को विधानसभा में प्रस्तुत करने के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है।









