= सरकारी जमीन कर दी गई बाहरी लोगों के नाम पर =
-अर्जुन झा-
बकावंड। विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा में जमीन विवाद अब विस्फोटक रूप लेता जा रहा है। यहां शासकीय जमीन पर कुछ लोग कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीण इस कृत्य का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
छोटे देवड़ा में सालों से चले आ रहे जमीन विवाद ने 9 दिसंबर को गंभीर रूप ले लिया। ग्रामवासियों के अनुसार पंचायत क्षेत्र की शासकीय भूमि को कुछ व्यक्तियों द्वारा निजी जमीन बताकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था। इसे लेकर पर पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा में स्थित खसरा नंबर 356/2 की जमीन को उमेंद्र सिंह पिता विजयपाल सिंह निवासी जगदलपुर से संबंधित बताया गया है। इसी तरह खसरा नंबर 365 की जमीन को युलता मांझी पिता डमरू मांझी निवासी जगदलपुर से संबंधित बताया जा रहा है। इसके अलावा खसरा नंबर 1493/1 की जमीन को सविता गुप्ता पिता उमेश गुप्ता निवासी धनपूंजी एवं खसरा नंबर 1493/2 की जमीन को सुषमा बुरड़ पिता सुरेश कुमार बुरड़ निवासी धनपूंजी का बताया जा रहा है। इसी को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इन जमीनों को निजी संपत्ति बताने के प्रयास में राजस्व निरीक्षक प्रेम झा बिना ग्राम पंचायत को सूचना दिए जमीन नापने के लिए स्थल पर पहुंचे। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। जैसे ही गांव वालों को नाप-जोख की खबर लगी, सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण अपने घर-द्वार छोड़कर मौके पर इकठ्ठा हो गए। सरपंच, उप सरपंच, जनपद सदस्य, वार्ड पंच सहित महिला-पुरुष सभी ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचकर जोरदार विरोध दर्ज कराने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन सालों से शासकीय भूमि है, हम सब इससे जुड़े हुए हैं। बिना सूचना, बिना पंचायत की अनुमति इस प्रकार नाप-जोख करना गलत है। ग्रामवासियों ने शासन प्रशासन पर दबाव बनाते हुए स्पष्ट कहा कि उनके हक-अधिकारों से जुड़ी इस भूमि पर किसी भी तरह की हेराफेरी या गैर-कानूनी नाप-जोख को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।ग्रामीणों के जबरदस्त विरोध को देखते हुए प्रशासनिक अमले को हस्तक्षेप करना पड़ा। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच हो और बिना अनुमति किए गए नाप-जोख को तत्काल रोका जाए। ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा में यह मामला अब चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।









