राजेन्द्र जायसवाल/जिला जांजगीर –
चांपा जिले जांजगीर चांपा के पत्रकारिता जगत में उस समय गहरा सदमा फैल गया, जब राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा भारत के वरिष्ठ पदाधिकारी—राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री कुणाल गुप्ता और संभागीय अध्यक्ष श्री राजेंद्र प्रसाद जायसवाल—एक गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। यह हादसा 1 दिसंबर 2025 की रात उस समय हुआ, जब दोनों बिलासपुर से अपनी बाइक टीव्हीएस पर सवार होकर चांपा लौट रहे थे।
कैसे हुआ हादसा
राजेंद्र प्रसाद जायसवाल अपनी मां को बिलासपुर के गोविंद इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ केयर हॉस्पिटल से छुट्टी कराकर एम्बुलेंस से चांपा रवाना कर चुके थे। इसके बाद वे अपने साथी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री कुणाल गुप्ता के साथ बाइक से चांपा की ओर निकले। रात के समय तिलई–रोड़ा ढाबा के पास सामने से आ रहे ट्रक की तेज फोकस लाइट अचानक आंखों में पड़ गई। इसी दौरान सड़क पर गाय आ जाने से अचानक बाइक रोकनी पड़ी और अनियंत्रित होकर दोनों सड़क हादसे का शिकार हो गए।
दोनों कलम बीर हादसे में घायल हो गए—
पत्रकार राजेंद्र प्रसाद जायसवाल के सिर, हाथ, पैर व कान के पर्दे पर गंभीर चोटें आईं
श्री कुणाल गुप्ता को भी सिर एवं पैर में चोटें आईं
दुर्घटना इतनी अचानक और भीषण थी कि दोनों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया
पत्रकार जगत में चिंता और आत्मीयता
दुर्घटना की खबर मिलते ही जांजगीर-चांपा जिले के सभी पत्रकार साथियों में चिंता की लहर दौड़ पड़ी। अगले ही दिन से जिले के पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और परिचित लगातार उनके घर व अस्पताल पहुंचकर हालचाल लेते रहे। यह दृश्य पत्रकारिता समाज की एकता और आपसी भाईचारे का सजीव उदाहरण प्रस्तुत करता है।
पत्रकार साथी न केवल मिलने पहुंचे, बल्कि परिवार को हर संभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया। यह घटना बताती है कि दुर्घटना के कठिन समय में समाज और साथी ही सबसे बड़ी ताकत बनते हैं।
सुरक्षित यात्रा की सीख
इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर किया है कि—
रात में हाईवे पर तेज फोकस लाइट कितनी खतरनाक साबित हो सकती है
सड़कों पर जानवरों की उपस्थिति अचानक होने वाले हादसों को जन्म देती है
हेलमेट व सुरक्षात्मक उपकरणों का उपयोग, सतर्कता और गति नियंत्रण अनिवार्य है









