पिछले दिनों संचार साथी ऐप काफी चर्चा में रहा है। सरकार ने इसे हर स्मार्टफोन में पहले से ही इंस्टॉल करने के लिए अनिवार्य कर दिया था, जिसे बाद में ऑप्शनल कर दिया गया। दूरसंचार विभाग ने अब इस सरकारी ऐप को लेकर एक डेटा शेयर किया है। यह ऐप यूजर्स के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा है। दूरसंचार विभाग के मुताबिक, इस ऐप की वजह से हर मिनट में 6 मोबाइल फोन ब्लॉक किए जा रहे हैं। यही नहीं, यह ऐप हर मिनट 4 मोबाइल फोन ट्रेस करने का भी काम कर रहा है। इसके अलावा यह ऐप हर 2 मिनट में 3 खोए हुए फोन को रिकवर कर रहा है।
दूरसंचार विभाग का यह ऐप यूजर्स के फोन पर आने वाले किसी भी फर्जी कम्युनिकेशन को रिपोर्ट करने में मदद करता है। यूजर्स संचार साथी ऐप या वेबसाइट के जरिए फोन पर आने वाले फर्जी कॉल्स, मैसेज या वॉट्सऐप कम्युनिकेशन को रिपोर्ट कर सकते हैं। ऐप पर रिपोर्ट होने के बाद उसकी जांच की जाती है और फ्रॉड की संभावना पर नंबर के साथ-साथ यूज किए गए हैंडसेट यानी मोबाइल फोन को भी ब्लॉक किया जाता है।
यही नहीं, संचार साथी ऐप में खोए हुए मोबाइल फोन को रिपोर्ट करने की भी सुविधा मिलती है। यूजर्स अपने खोए हुए फोन की डिटेल्स दर्ज करके इस ऐप या वेबसाइट की मदद से उसका IMEI नंबर ब्लॉक करने की रिक्वेस्ट दर्ज कर सकते हैं। ऐसे में यह एजेंसी को खोए हुए फोन को खोजने में मदद करता है। यही नहीं, इसके अलावा संचार साथी प्लेटफॉर्म के जरिए आप ये भी पता लगा सकते हैं कि आपके नाम पर कितने नंबर चल रहे हैं। अगर, कोई ऐसा नंबर दिखता है, जिसे आप यूज नहीं कर रहे हैं तो उसे ब्लॉक या रिपोर्ट कर सकते हैं।
संचार साथी ऐप यही नहीं असली और नकली मोबाइल फोन की पहचान करने में भी यूजर्स की मदद करता है। इस ऐप या वेबसाइट के जरिए आप हैंडसेट के IMEI नंबर से यह पता लगा सकते हैं कि फोन जेनुइन है या नहीं। ओरिजिनल फोन नहीं होने पर यह आपको अलर्ट कर सकता है। इस तरह से संचार साथी ऐप कई तरह के कामों के लिए यूज किया जा सकता है।