रायपुर संवाददाता – रघुराज
रायपुर। श्रीनगर चौक के पास स्थित खमतराई के *शिव आदि शक्ति मंदिर* में 15 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 तक चल रहे *श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ* ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में रंग दिया है। दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक प्रतिदिन चल रही यह सात दिवसीय संगीतमय कथा श्रद्धा, प्रेम और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बन गई है।
इस कथा का वाचन और प्रवचन पुण्यात्मा *पं. भानु महाराज जी* के मुखारविंद से संगीतमय शैली में किया जा रहा है। महाराज जी की मधुर वाणी, भक्ति भरे भजन और जीवनोपयोगी संदेशों से श्रद्धालु भावविभोर हो उठते हैं। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में भक्त *शिव आदि शक्ति मंदिर परिसर* और सामने स्थित *सामुदायिक भवन सियान सदन* में पहुँचकर कथा श्रवण का पावन लाभ ले रहे हैं।
इस आयोजन की विशेष व्यवस्था की ज़िम्मेदारी *तेलुगू वेलफेयर सोसाइटी (TWS) रायपुर* ने अपने सेवा भाव के साथ निभाई है। सोसाइटी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए *पार्किंग, पेयजल, मेडिकल इमरजेंसी सहायता, बैठने की व्यवस्था और स्वच्छता प्रबंधन* की बेहतरीन व्यवस्था की गई है। TWS स्वयंसेवक पूरे समय स्थल पर उपस्थित रहकर हर संभव सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जिससे यह आयोजन सुचारु और अनुशासित वातावरण में संपन्न हो रहा है।
*मंगलवार, 16 दिसंबर* को कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने पूरे उत्साह और भक्ति के साथ कथा का श्रवण किया। दिन के अंत में सामूहिक रूप से *राम नाम का 108 बार नाम जाप* कराया गया, जिससे पूरा शिव आदि शक्ति मंदिर परिसर “राम नाम की गूंज” से झूम उठा। यह दृश्य इतना अलौकिक और भव्य था कि देखने वाले भावविभोर हो गए।
पं. भानु महाराज जी ने अपने प्रवचन में कहा कि “श्रीमद् भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और ईश्वर से एकत्व की प्रतीक साधना है।” उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति अपने कर्म, विचार और सेवा को परमात्मा को अर्पित करता है, तब उसका जीवन सच्चे अर्थों में धन्य होता है।
कथा के दौरान प्रत्येक दिन भक्तों के लिए मधुर भजनों, आरती और प्रसाद वितरण का आयोजन किया जा रहा है। महिलाएँ और युवा श्रद्धालु विशेष रूप से सेवा कार्यों में भाग ले रहे हैं। साथ ही स्थानीय भगवती सेवा समिति और सामाजिक संगठनों के सहयोग से सुरक्षा व यातायात व्यवस्था का भी उचित समन्वय किया गया है।
कथा का *मुख्य आकर्षण 20 दिसंबर, शनिवार* को होगा, जब विशाल *रुक्मिणी विवाह उत्सव* धूमधाम से मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर विधिवत विवाह अनुष्ठान के पश्चात *तेलुगू वेलफेयर सोसाइटी रायपुर* की ओर से *महाप्रसाद वितरण* किया जाएगा। साथ ही *हनुमान जी की महाआरती* विशेष रूप से आयोजित की जाएगी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
खमतराई क्षेत्र बीते कुछ दिनों से भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन चुका है। शाम के समय जब मंदिर की घंटियाँ और भजनों की ध्वनियाँ वातावरण में गूंजती हैं, तब पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठता है। यह श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सेवा और सहयोग की भावना का जीवंत उदाहरण बन गया है।









