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बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा भड़की, अखबारों पर हमले और हिंदू युवक की हत्या से दहशत

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भारत का पड़ोसी देश बांग्लादेश एक बार फिर सुलग उठा है। बांग्लादेश में ‘जुलाई विद्रोह’ (July Conflict) का प्रमुख नेता और शेख हसीना (Sheikh Hasina) विरोधी नेता उस्मान हादी (Osman Hadi) की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों या कहें कट्टरपंथियों ने जमकर बवाल मचाया है। प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख अखबारों के दफ्तरों पर हमला किया और आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने अवामी लीग और भारत के खिलाफ नारे लगाए। वहीं कई जगहों पर हिंदुओं पर टारगेट हमले की भी खबरें आई है। कट्टरपंथियों ने हिंदू युवक को पीटकर अधमरा होने के बाद आग लगा दिया, जिससे जलकर उसकी मौत हो गई। हादी की मौत के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शोक घोषित कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, देश में सुलगी हिंसा को लेकर अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने ढाका में लेवल बैठक बुलाई है।

बता दें कि बांग्लादेश में ‘जुलाई विद्रोह’ के एक प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान 12 दिसंबर को सिर में गोली मारी गई थी। गोली लगने के बाद उन्हें पास के अस्पतालों में ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। हमले से कुछ घंटे पहले उस्मान हादी ने ग्रेटर बांग्लादेश का एक मैप शेयर किया था, इसमें भारतीय इलाके (7 सिस्टर्स) शामिल थे। हालात बिगड़ने पर उसे सिंगापुर ले जाया गया था। बांग्लादेश में शेख हसीना के विरोधी नेता उस्मान हादी की गुरुवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई है। उनकी मौत के बाद बांग्लादेश में हालात बिगड़ गए हैं और कई जगह हिंसा फैल गई है।

इंकलाब मंच के संयोजक की मौत के बाद ढाका में गुरुवार देर रात विरोध प्रदर्शन भड़क उठे और हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रथम आलो (देश के सबसे बड़े बांग्ला अखबार) और डेली स्टार के दफ्तरों पर हमला कर तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने राजशाही में अवामी लीग के दफ्तर को आग के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि सिंगापुर में हादी की मौत की खबर फैलने की बाद हजारों लोग शाहबाद चौराहे पर इकट्ठे हुए। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने चौराहे पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां लहराते हुए अधिकारियों पर हादी की सुरक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया और देखते ही देखते प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए।

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